उदयाचल सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर चैत्र छठ पूजा की ढाई दिनों की निर्जला उपास का पारण सरस्वती मंदिर छठ घाट पर किया

उदयाचल सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर चैत्र छठ पूजा की ढाई दिनों की निर्जला उपास का पारण सरस्वती मंदिर छठ घाट पर किया
भोपाल।"उग उगा हो सुरुज देवा" “करवा के पात तर उगहो सूरज देवा”,  जैसे मधुरिम लोकगीतों के साथ भक्तिमय  एवं आस्था के साथ पूर्ण पवित्रता से बिहार तथा उत्तर भारत का सबसे बड़ा त्यौहार बिहार सांस्कृतिक परिषद भोपाल द्वारा आयोजित चैत्र छठ के चौथे दिन 4 अप्रैल, 2025, शुक्रवार को उषा काल मे सूर्यदेव की आराधना हेतु उदयाचल सूर्य को अरघ देकर पारण किया गया। 
अध्यक्ष सतेन्द्र कुमार ने कहा कि छठी मैया के इस महापर्व में साक्षात देव सूर्य भगवान को बाँस के बने सूप में ठेकुआ, गन्ना, संतरा, सेव, केला,  नारियल, पुआ, लडुआ जैसे प्रकृति प्रदत प्रसाद को जल कुंड में खड़े होकर उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया. अर्घ्य देते समय श्रद्धालू भक्त एवं परिजनों ने दूध ढारकर भगवान सूर्य की आराधना एवं छठी मैया की उपासना किया।
इस महापर्व का पारण छठ व्रतियों द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया.  आयोजन में सैकड़ो श्रद्धालु एवं भक्त शामिल हुए।
कार्यक्रम के व्यवस्थाओं में स्वच्छता के साथ जल उपलब्ध कराना लाइटिंग, साज सज्जा, चेंजिंग रूम इत्यादि में सूर्य कुमार सिंह, संजय साह, सुरुचि कुमार, ओंकार कुमार, कृष्ण कुमार, हरिशंकर प्रसाद, राकेश सिंह, दिनेश सिंह, रामरतन प्रसाद सिंह, गिरी बाबा, संजीव कुमार, अनिल कुमार, रामनंदन सिंह, सुशील पटेल, विनोद चौबे, मीरा सिंह, सीताराम साह, विकास चौधरी, महेश गुप्ता, मनोज पाठक ने सहयोग किया।

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