ट्रंप ने कहा, 'हमने सभी से बात की है। ...यह सब हो गया है। मैंने आपसे कहा था कि हम कुछ समझौते करेंगे, लेकिन ज्यादातर हम एक पत्र भेजने वाले हैं। हम कहने वाले हैं, अगर आप सबसे महान, सबसे सफल देश में भाग लेना चाहते हैं तो संयुक्त राज्य अमेरिका में आपका स्वागत है। मेरा मतलब है कि हम पहले से बेहतर कर रहे हैं... हमारे पास पहले कभी ऐसे नंबर नहीं थे। हमारे पास पहले कभी ऐसा निवेश नहीं था। हमारे पास 90 से ज्यादा... 90 से बहुत ज्यादा हैं। लेकिन उनमें से ज्यादातर को पत्र भेजा जाएगा। यह बिल्कुल वही है जो मैंने कहा था। अब हमने यूनाइटेड किंगडम (यूके) के साथ एक समझौता किया है। हमने चीन के साथ एक समझौता किया है। हम भारत के साथ एक समझौता करने के करीब हैं।'
ट्रंप ने बताया- क्यों भेज रहे चिट्ठी
ट्रंप ने आगे कहा, 'दूसरों से हम मिले और हमें नहीं लगता कि हम कोई समझौता कर पाएंगे। इसलिए हम उन्हें सिर्फ एक पत्र भेजते हैं। हम विभिन्न देशों को पत्र भेज रहे हैं, जिसमें उन्हें बताया जा रहा है कि उन्हें कितना टैरिफ देना होगा। कुछ शायद थोड़ा समायोजित करेंगे, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनके पास कोई कारण है या नहीं। हम इसके बारे में अनुचित नहीं होने वाले हैं।'इसका सीधा मतलब है कि जिन देशों से बात नहीं बनी, उन्हें अमेरिका टैरिफ भरने के लिए कहेगा। अगर कोई देश चाहे तो कुछ बदलाव हो सकते हैं, लेकिन अमेरिका किसी के साथ गलत नहीं करेगा। यानी अगर भारत के साथ अमेरिका की बात नहीं बनती है तो ट्रंप भारत को भी चिट्ठी भेज सकते हैं।











