नोएडा/गाजियाबादः दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश के दो बड़े औद्योगिक शहरों नोएडा और गाजियाबाद में बाढ़ ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। साल भर नाले की तरह बहने वाली हिंडन नदी 48 साल बाद उफान पर है। इससे गाजियाबाद और नोएडा के कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं। लोगों को अपना घर छोड़कर भी जाना पड़ा है। ये सब हो ही रहा था कि बुधवार को फिर इलाके में बारिश हो गई। इससे हालात और खराब होने की स्थिति बनी है।
300 से ज्यादा गाड़ियां डूबीं
हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आसपास के एरिया में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। कई घरों में पानी भर गया है। वहीं, सुतियाना गांव में ऐप बेस्ड कैब बुकिंग कंपनी के यार्ड में 4 से 5 फीट तक पानी भरने की वजह से करीब 300 से अधिक गाड़ियां डूब गई हैं। दूसरी ओर आसपास के खेत और फार्महाउसों में भी पानी भर गया है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार लोगों को डूब एरिया से निकालकर सुरक्षित जगह ले जा रही हैं।
घट रहा था जलस्तर, बारिश से बढ़ेगी परेशानी
कई दिनों से बढ़ रहा हिंडन का पानी मंगलवार से घटने लगा था। सोमवार रात 10 बजे से मंगलवार दोपहर तक करीब 15 घंटे में हिंडन में पानी का लेवल एक फुट तक कम हुआ। जहां पानी का लेवल कम हुआ है, वहां पंप से बाढ़ का पानी निकाला जा रहा है। नगर निगम के जलकल विभाग के जीएम आनंद त्रिपाठी ने बताया कि निचले इलाकों में 10 पंप लगाए गए हैं। नंदनी पार्क, करहेड़ा में कई जगह पंप लगाए गए हैं। एडीएम फाइनैंस वीके श्रीवास्तव ने बताया कि सिंचाई विभाग का अनुमान है कि बारिश नहीं हुई तो 24 घंटे में एक फुट पानी और कम हो सकता है। एडीएम फाइनैंस ने बताया कि प्रशासनिक रेकॉर्ड में हिंडन में इस बार 48 वर्षों बाद इतनी बाढ़ आई है। इसकी वजह से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। हिंडन के आसपास रहने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ रहा है हिंडन का जलस्तर
यमुना और हिंडन का जल स्तर बढ़ने से जिले के बाढ़ प्रभावित एरिया से जिला प्रशासन ने अब तक 3410 लोगों को शेल्टरों में विस्थापित कर दिया है। जिला प्रशासन के अनुसार इस समय 10 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को रहने के लिए इस समय 15 शेल्टर होम सक्रिय हैं। जिला प्रशासन की टीमें 24 घंटे बाढ़ प्रभावित एरिया पर नजर रखे हुए हैं। वहीं मंगलवार को जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी कर दी है कोई भी व्यक्ति बिना पुलिस व जिला प्रशासन की जानकारी के अपने घरों का सामान लाने के लिए बाढ़ वाले गांवों में नहीं जाएगा।
बाढ़ ने डुबोया बारिश ने भिगाया
नोएडा में मंगलवार दोपहर बाद बाढ़ प्रभावित एरिया में ही मूसलाधार बारिश हुई जबकि शहर के अन्य हिस्सों में बूंद तक नहीं पड़ी। इस दौरान स्थिति ये रही कि बाढ़ प्रभावित एरिया में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन हिस्सों में बाढ़ का असर नहीं है, वहां भी सड़कों पर काफी देर तक पानी जमा रहा। दोपहर बाद सेक्टर 63, 65, 67, 68, 70, सेक्टर 121, चोटपुर, पर्थला, बहलोलपुर, छिजारसी के साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एरिया में काफी बारिश हुई। हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से नालियों का पानी निकलने में काफी समय लगा। हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट हुई। लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बुधवार को भी पूरे नोएडा में झमाझम बारिश हुई।
बारिश से भरा पानी
हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ की स्थिति को भांपते हुए जिला प्रशासन का राहत और बचाव कार्य जारी किया है। बाढ़ पीड़ितों को सामुदायिक भवनों में बनाए गए राहत शिविर में भेजा जा रहा है, जहां जिला प्रशासन के साथ ही सामाजिक संस्थाएं राहत कार्यों में लगी हुई हैं। बुधवार को नोएडा में तेज बारिश के बाद सेक्टर 25 के जलवायु विहार सोसाइटी में पानी भर गया। आज सोसाइटी में RWA का चुनाव होना है, लेकिन पूरे सेक्टर में पानी भर गया है। लोगों का कहना है कि ऐसे में वो वोट देने नहीं जाएंगे।
क्यों उफनाई नदी
ग्रेनो के सुत्याना और कुलेसरा गांव हिंडन के किनारे बसे हैं। इन गांवों के लोगों की जमीन डूब एरिया में हैं। नदी के पुश्ता के अंदर भी हैं। भू माफियाओं ने नदी के बीच में कॉलोनी काट दी हैं। इन कॉलोनियों में हजारों मकान बन गए हैं। ऐसे में अब नदी में पानी आने पर ये मकान धार के बीच में रुकावट बने और नदी के पानी को बहाव के लिए रास्ता नहीं मिलने पर वह आसपास के एरिया में भर रहा है। अगर नदी के पुश्ते के अंदर रुकावट नहीं होती तो यह पानी आसपास के एरिया में नहीं भरता।
100 साल की महिला का किया रेस्क्यू
एनडीआरएफ और लोकल पुलिस की टीम ने 100 साल की एक महिला को उसके परिवार समेत रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
बिसरख पुलिस को सूचना मिली कि 100 वर्षीय एक महिला अपने परिवार के साथ बाढ़ की वजह से घर में फंसी हुई है। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम और बिसरख थाना पुलिस नाव लेकर मंगलवार रात ही उसके घर तक पहुंच गई। वहां तीन लोग बाढ़ की वजह से घर में फंसे हुए थे। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने अजब देवी (100), प्रशांत(77) और 35 वर्षीय एक महिला को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। रेस्क्यू किए जाने के बाद बुजुर्ग महिला ने पुलिस का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं था कि वह वहां से निकल पाएंगी।











