ITR नहीं भरने पर 83 साल की महिला पर लगा था जुर्माना, जानिए फिर क्या हुआ

ITR नहीं भरने पर 83 साल की महिला पर लगा था जुर्माना, जानिए फिर क्या हुआ
नई दिल्ली: एक 83 वर्षीय विधवा ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भरने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से लगाए गए पेनल्टी के खिलाफ Income-Tax Appellate Tribunal (ITAT) में अपील कर केस जीत लिया है। ITAT की दिल्ली पीठ ने महिला के पक्ष में अपना फैसले देते हुए उन पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया। यह मामला 2011-12 का है जब गुरुग्राम की यह बुजुर्ग महिला टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से 5,000 रुपये का नोटिस पाकर चौंक गई थी। गृहिणी होने की वजह से टैक्सेबल इनकम न होने के कारण उन्होंने कभी भी अपना ITR नहीं भरा था। उन पर यह जुर्माना तत्कालीन आईटी की धारा 271F के तहत लगाया गया था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई तय तारीख तक टैक्स रिटर्न दाखिल न करने पर की गई थी। इतना ही नहीं इस पेनल्टी के संबंध में कमिश्नर (अपील) ने उचित दिशा-निर्देश जारी नहीं किए थे।

गौरतलब है कि धारा 271F के प्रावधानों की जगह 1 अप्रैल, 2018 से धारा 234F को लागू कर दिया गया। फिलहाल, ITR देर से दाखिल करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना है (छोटे टैक्सपेयर्स जिनकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक नहीं है) के लिए जुर्माना 1,000 रुपये है)। बहरहाल, महिला ने डिपार्टमेंट के इस कार्रवाई को चुनौती देने का फैसला किया। ITAT के समक्ष उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स अफसर ने उनके इनकम का आकलन करने में गलती की है। उचित प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया है। जुर्माने का आदेश एकतरफा है।

क्या दिया तर्क

बाद में, उन्होंने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की और बताया कि वह इस मामले में रिटर्न भरने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं और फेसलेस अपील तंत्र के तहत कमिश्नर (अपील) ने इस फैक्ट पर विचार नहीं किया। उन्होंने ITAT को बताया कि यह आदेश कई आधारों पर कानून के हिसाब से नहीं है। चूंकि उनके पास ITR न भरने का 'उचित कारण' था। ऐसे में पेनल्टी का आदेश मनमाना, अवैध और अधिकार क्षेत्र के बिना था।

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