भोपाल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रदेशभर के 23 हजार निजी स्कूलों में 1.12 लाख सीटों पर 84 हजार 795 बच्चों को लाटरी निकालकर उन्हें स्कूल आवंटित किया गया। अब भी 27 हजार 305 सीटें खाली हैं। इसमें साढ़े 66 हजार को पहली पसंद का, साढ़े नौ हजार को दूसरी, पांच हजार को तीसरा और डेढ़ हजार को चौथे पसंद का स्कूल आवंटित किया गया। जिनको स्कूल का आवंटन हुआ है, वे आरटीई पोर्टल से आवंटन पत्र डाउनलोड करके 22 मार्च तक स्कूल में प्रवेश ले सकते हैं।
मोबाइल एप से रिपोर्टिंग करना अनिवार्य
प्रवेश के लिए उपस्थित होने पर संबंधित स्कूल द्वारा आरटीई मोबाइल एप से एडमिशन रिपोर्टिंग करना अनिवार्य है, क्योंकि जिनकी एप से रिपोर्टिग नहीं होगी, वह प्रवेश मान्य नहीं होगा। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चे के स्कूल में उपस्थिति के समय ही स्कूल द्वारा मोबाइल एप से फोटो लेना एवं ओटीपी के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग अवश्य करें। प्रथम चरण में आवंटित स्कूल में यदि प्रवेश नहीं लेना चाहते हैं तो जिन स्कूलों में सीटें रिक्त रह जाएंगी, उन स्कूलों की च्वाइस दर्ज कर सकेंगे। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस का कहना है कि पहली व दूसरी पसंद के स्कूलों में ही अभिभावक बच्चों का एडमिशन कराते हैं, इसलिए आरटीई के तहत सीटें खाली रह जाती हैं।











