5 कारण क्यों राहुल द्रविड़ की कोचिंग को हमेशा किया जाएगा याद, भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ मिला

5 कारण क्यों राहुल द्रविड़ की कोचिंग को हमेशा किया जाएगा याद, भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ मिला
टी20 वर्ल्ड कप 2021 में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक था। टीम नॉकआउट भी नहीं पहुंच पाई। उसके ठीक बाद राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी मिली। उनका कॉन्ट्रैक्ट दो साल का था और वर्ल्ड कप 2023 के साथ खत्म हो गया। इस दौरान भारतीय टीम आईसीसी इवेंट तो नहीं जीत पाई लेकिन कई वजहों से राहुल द्रविड़ की कोचिंग को लंबे समय तक याद किया जाएगा। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्होंने बीसीसीआई को साफ कर दिया है कि अब हेड कोच की भूमिका आगे नहीं लेना चाहते। हम आपको बताते हैं कि क्यो ंद्रविड़ के कार्यकाल को हमेशा याद किया जाएगा।

​जीत में पीछे हार में आगे​

राहुल द्रविड़ की कोचिंग की यही खासियत रही है। जीत में वह हमेशा बैकसीट पर नजर आते थे। लेकिन टीम की हार के बाद खुदपर पूरी जिम्मेदारी लेते दिखे। 2022 टी20 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल हो या फिर 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल, टीम की हार के बाद राहुल द्रविड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए। अपनी बैटिंग जैसी धैर्यता के साथ उन्होंने सवालों के जवाब दिए।

फॉर्म हासिल करने में विराट की मदद

विराट कोहली अगस्त 2022 से पहले लगातार रन बनाने के लिए जूझ रहे थे। उन्हें टीम से बाहर करने की बात तक होने लगी थी। लेकिन राहुल द्रविड़ का भरोसा कभी उनपर कम नहीं हुआ। कई बार उन्हें विराट को बल्लेबाजी टेक्निक समझाते हुए देखा गया। अब विराट कोहली एक बार फिर पुराने लय में आ चुके हैं।

​गिल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मिला​

भारतीय टीम के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा करीब 10 साल से बल्लेबाजी की रीढ़ है। लेकिन इस हर किसी के मन में सवाल था कि आगे कौन? द्रविड़ की कोचिंग में इसका भी जवाब मिल गया। टीम से अंदर-बार हो रहे शुभमन गिल को उन्होंने लगातार वनडे में ओपनिंग का मौका दिया। टी20 में फेल होने के बाद भी उनपर भरोसा जताया गया और वह इसपर खड़े उतरे। टेस्ट में जाते-जाते द्रविड़ ने गिल को नंबर तीन की भूमिका दे दी।

​वर्ल्ड कप में बेखौफ क्रिकेट​

भारतीय टीम ने वर्ल्ड कप 2023 में अलग ब्रांड की क्रिकेट खेली। हर एक खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी पता थी। भले ही खिताबी मुकाबले में टीम हार गई लेकिन टूर्नामेंट में कोई भी टीम उसके आसपास भी नजर नहीं आई। बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक में द्रविड़ की प्लानिंग साफ नजर आई।

​तीनों फॉर्मेट में एक साथ नंबर एक​

भारतीय टीम राहुल द्रविड़ की कोचिंग में ही तीनों फॉर्मेट में एक साथ नंबर एक टीम बनी। अभी तक भारत के अलावा सिर्फ साउथ अफ्रीका की टीम ही ऐसा कर सकी है। उन्होंने तीनों फॉर्मेट को एक साथ महत्वता दी। उनकी कोचिंग में भारत ने वनडे में दो बार 300+ रनों से जीत हासिल की।
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