भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए समग्र आईडी की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा इस कार्य के लिए 31 अगस्त तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी।
इसके बावजूद अभी भी प्रदेश में तीन लाख 50 हजार से अधिक पेंशनधारियों की ई-केवाईसी शेष है। इसी को देखते हुए नगरीय निकायों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में ई-केवाईसी कार्य को युद्ध स्तर पर संचालित करें, जिससे पेंशनधारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ई-केवाईसी कार्य की दैनिक प्रगति की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए और जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूर्ण नहीं हुई है, उनकी जानकारी स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाए। यही व्यवस्था ग्रामीण विकास विभाग में भी की गई है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों, विशेषकर पेंशनधारियों को समग्र आइडी की ई-केवाईसी प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए उनके निर्देश पर अपर आयुक्त कैलाश वानखेडे द्वारा प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा यह जानकारी साझा की गई है कि राज्य में पेंशन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे बड़ी संख्या में पेंशनधारियों की समग्र आईडी की ई-केवाईसी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
बता दें कि विभागीय समीक्षा में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस कार्य की गति अत्यंत धीमी है। ऐसी स्थिति में जिन पेंशनधारियों की ई-केवाईसी पूर्ण नहीं होगी, उनकी आगामी माह से पेंशन रोकी जा सकती है।











