भोपाल। लोकसभा चुनाव को लेकर शासकीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य जारी है। जिले के लगभग 2500 शासकीय शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इस कारण सरकारी स्कूल सहित केंद्रीय विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि जिले में एक से छह अप्रैल तक चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शिक्षकों की गैरमौजूदगी के कारण कई कक्षाएं बंद कर दी हैं।
शिक्षक हो रहे परेशान
चुनाव प्रशिक्षण में केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-3 के शिक्षकों के जाने के कारण शुक्रवार को छुट्टी कर दी गई, वहीं केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में शनिवार को प्राथमिक विभाग का अवकाश रखा गया है। अलग-अलग आदेश ने शिक्षकों की नींद उड़ा रखी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने 10वीं व 12वीं के मूल्यांकन में लगे मूल्यांकनकर्ताओं की ड्यूटी चुनाव में कार्य नहीं लगाने के आदेश निकाले हैं, जबकि जिला स्तर पर कलेक्टरों द्वारा मूल्यांकन में लगे शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। चुनाव ड्यूटी में नहीं पहुंचने पर शिक्षकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, इससे शिक्षक परेशान हो रहे हैं।
दरअसल मूल्यांकन कार्य को लेकर माशिमं सचिव केडी त्रिपाठी ने बीती 11 मार्च को सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा कि मप्र बोर्ड परीक्षा में करीब 18 लाख परीक्षार्थियों की एक करोड़ 25 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिला स्तर पर मूल्यांकन केंद्रों पर 22 फरवरी से शुरू हो चुका है। परीक्षा व मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, ताकि समय पर मूल्यांकन कार्य संपन्न हो सके। इसके बाद भी परीक्षा कार्य में लगे शिक्षकों का चुनाव ड्यूटी में लगाना जारी रहा। साथ ही पांचवीं व आठवीं और नौवीं व 11वीं का मूल्यांकन कार्य चल रहा है। इस कारण भी स्कूलों में शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।











