मप्र में महिलाओं का प्रभाव अब बढ़ गया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को आईएएस अधिकारियों में बड़ा फेरबदल करते हुए 24 आईएएस अफसरों को इधर से उधर किया। बारह जिलों में कलेक्टर बदले गए, जिसमें 7 महिलाओं को कलेक्टरी दे दी गई।
इसे मिलाकर मप्र के करीब एक तिहाई जिलों में महिलाओं को कमान मिल गई है। ऐसा पहली बार हुआ है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो कभी भी 8 या 10 से ज्यादा महिलाओं से ज्यादा एक बार में कलेक्टर नहीं रहीं, पर इस बार 55 जिलों में से 17 जिलों की कलेक्टर महिलाएं हैं।
इसी कड़ी में भोपाल नगर निगम का नया आयुक्त संस्कृति जैन को बनाया गया है। इस पद पर तैनात हरेंद्र नारायण सिंह को छिंदवाड़ा कलेक्टर बनाया गया है।श् रमायुक्त इंदौर के तबादले के बाद वाणिज्य कर विभाग की अपर आयुक्त तन्वी हुड्डा को श्रमायुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
पूर्व सीएम व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले प्रमोटी आईएएस नीरज कुमार वशिष्ठ को पहली बार कलेक्टरी मिली है। यहां महिला कलेक्टर : ग्वालियर, डिंडौरी, रीवा, नर्मदापुरम, सिवनी, झाबुआ, शाजापुर, पन्ना, खरगोन, मैहर, मंदसौर, आगर-मालवा, अलीराजपुर, रतलाम, निवाड़ी, बड़वानी, नरसिंहपुर।
भाजपा विधायकों से विवाद के बाद दो कलेक्टर निपटे
भिंड से संजीव को हटाया... डिंडोरी में 8 माह की कलेक्टर रहीं नेहा
तस्वीर 27 अगस्त की। जब खाद के मुद्दे पर विधायक-कलेक्टर ने एक-दूसरे को चोर कहा। विधायक ने कलेक्टर पर मुक्का तान दिया था। विधायक ने भी उन्हें उंगली दिखाई थी।
- भाजपा विधायकों से झगड़ने वाले भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और डिंडोरी कलेक्टर नेहा मारव्या को बदल दिया गया है।
- नौ माह पहले आईएएस मीट में फील्ड पोस्टिंग में भेदभाव का मुद्दा उठाने वाली नेहा सिर्फ 8 महीने ही कलेक्टर रह पाईं। उन्हें फिर से लूप लाइन में भेजते हुए विमुक्त, घूमंतू और अर्ध घूमंतू जनजाति विभाग में संचालक बनाया गया है। नेहा के कामकाज के तौर तरीकों पर विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने सवाल उठाते हुए सीएम से शिकायत की थी।
ढाई साल से तैनात तीन कलेक्टर छोड़े, 2 साल वाले 3 को हटाया
- तबादला सूची में तीन कलेक्टर ऐसे थे, जिनका कार्यकाल दो साल से अधिक हो चुका था। मुरैना के अंकित अस्थाना (2 साल 9 माह), आलीराजपुर के अभय बेड़ेकर (2 साल 2 माह) और पांढुर्ना के अजयदेव शर्मा (2 साल)।
- अब भी तीन कलेक्टर दो साल से ज्यादा समय से पद पर हैं। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा (2 साल 9 माह), रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल (ढाई साल) और मैहर कलेक्टर रानी बाटड (2 साल)।
- इन तबादलों के बाद प्रदेश में 2012 से 2016 बैच तक के सभी डायरेक्ट आईएएस अफसरों को कलेक्टरी मिल गई है।











