रॉयटर्स के मुताबिक लंदन ब्रेंट क्रूड ऑयल के फ्यूचर 47 सेंट यानी 0.73 फीसदी बढ़कर 65.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। शुक्रवार को यह 7 सेंट बढ़कर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 45 सेंट यानी 0.74 फीसदी बढ़कर 61.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में यह 41 सेंट बढ़ा था।
22 देशों ने लिया ऐसा फैसला कि बढ़ गई तेल की कीमत, भारत पर क्या पड़ेगा असर
नई दिल्ली: एशियाई बाजारों में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि OPEC+ (तेल उत्पादक देशों का समूह और उनके सहयोगी) ने अगले साल की पहली तिमाही में उत्पादन बढ़ाने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। इससे तेल की आपूर्ति में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने का डर कम हो गया है। ओपेक+ दुनिया के तेल उत्पादक और निर्यातक देशों का प्रभावशाली गठबंधन है। इसमें 22 देश शामिल हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक लंदन ब्रेंट क्रूड ऑयल के फ्यूचर 47 सेंट यानी 0.73 फीसदी बढ़कर 65.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। शुक्रवार को यह 7 सेंट बढ़कर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 45 सेंट यानी 0.74 फीसदी बढ़कर 61.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में यह 41 सेंट बढ़ा था।
रॉयटर्स के मुताबिक लंदन ब्रेंट क्रूड ऑयल के फ्यूचर 47 सेंट यानी 0.73 फीसदी बढ़कर 65.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए। शुक्रवार को यह 7 सेंट बढ़कर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल 45 सेंट यानी 0.74 फीसदी बढ़कर 61.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में यह 41 सेंट बढ़ा था।











