हमास के कब्‍जे में 200 लोग, अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन पहुंचेंगे इजरायल, जानें जंग के 5 बड़े अपडेट्स

हमास के कब्‍जे में 200 लोग, अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन पहुंचेंगे इजरायल, जानें जंग के 5 बड़े अपडेट्स
तेल अवीव: अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन हमास के साथ जारी जंग के बीच ही बुधवार को इजरायल की यात्रा करने वाले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन की तरफ से इस बात की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्‍याहू ने बाइडन को यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। दूसरी ओर हमास ने बताया है कि उसके कब्‍जे में 200 लोग बंधक हैं। जबकि 50 लोग दूसरे संगठनों के पास हैं। इस ताजा जानकारी ने बंधक संकट को और गहरा कर दिया है। इससे पहले संयुक्त राष्‍ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाद एर्दान ने स्‍पष्‍ट कर दिया था कि उनके देश को गाजा पर कब्जा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इस युद्ध में अब तक करीब 3000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
गाजा में 250 बंधक
दूसरी ओर आतंकवादी संगठन हमास के सैन्य प्रवक्ता अबू ओबेदा का कहना है कि इस समय गाजा में 200 से 250 लोग बंधक बनाकर रखे गए हैं। ओबैदा ने बताया कि सुरक्षा और व्यावहारिक कठिनाइयों के चलते कोई तय संख्‍या नहीं बताई जा सकती है लेकिन 200 लोग हमास के हाथों में हैं। टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में ओबैदा ने कहा कि करीब 50 लोगों को दूसरे गुटों ने बंधक बनाकर रखा है। ये लोग किसी और जगह पर रखे गए हैं। ओबैदा की मानें तो ये विदेशी बंधक हमास के मेहमान हैं। ओबैदा ने उनकी रक्षा करने की बात कही और कहा कि जब भी 'जमीनी स्थिति' अनुमति देती है, उन्हें रिहा करने की कसम खाते हैं। ओबैदा ने साफ कर दिया है कि गाजा में इजरायली सेना की कब्‍जे की धमकी से वो डरने वाले नहीं हैं।

मौत का आं‍कड़ा 4000 के करीब

गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच भीषण संघर्ष में मरने वालों की संख्या 4,000 के करीब पहुंच गई है। सोमवार को लगातार 10वें दिन भी हिंसा जारी रही। आधिकारिक इजरायली सूत्रों के अनुसार, 7 अक्टूबर को पहली बार संघर्ष शुरू होने के बाद से 1,300 से अधिक लोग मारे गए। सूत्रों ने बताया कि उग्र हिंसा में अब तक 3,621 इजरायली घायल भी हुए हैं। हमास-नियंत्रित क्षेत्र में स्थित फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा में मौतें बढ़कर 2,670 हो गई हैं, जबकि 9,600 से अधिक घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में गाजा में 455 लोगों की मौत और 856 लोगों के घायल होने की खबर है।

गाजा में 250 बंधक
दूसरी ओर आतंकवादी संगठन हमास के सैन्य प्रवक्ता अबू ओबेदा का कहना है कि इस समय गाजा में 200 से 250 लोग बंधक बनाकर रखे गए हैं। ओबैदा ने बताया कि सुरक्षा और व्यावहारिक कठिनाइयों के चलते कोई तय संख्‍या नहीं बताई जा सकती है लेकिन 200 लोग हमास के हाथों में हैं। टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में ओबैदा ने कहा कि करीब 50 लोगों को दूसरे गुटों ने बंधक बनाकर रखा है। ये लोग किसी और जगह पर रखे गए हैं। ओबैदा की मानें तो ये विदेशी बंधक हमास के मेहमान हैं। ओबैदा ने उनकी रक्षा करने की बात कही और कहा कि जब भी 'जमीनी स्थिति' अनुमति देती है, उन्हें रिहा करने की कसम खाते हैं। ओबैदा ने साफ कर दिया है कि गाजा में इजरायली सेना की कब्‍जे की धमकी से वो डरने वाले नहीं हैं।

मौत का आं‍कड़ा 4000 के करीब

गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच भीषण संघर्ष में मरने वालों की संख्या 4,000 के करीब पहुंच गई है। सोमवार को लगातार 10वें दिन भी हिंसा जारी रही। आधिकारिक इजरायली सूत्रों के अनुसार, 7 अक्टूबर को पहली बार संघर्ष शुरू होने के बाद से 1,300 से अधिक लोग मारे गए। सूत्रों ने बताया कि उग्र हिंसा में अब तक 3,621 इजरायली घायल भी हुए हैं। हमास-नियंत्रित क्षेत्र में स्थित फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा में मौतें बढ़कर 2,670 हो गई हैं, जबकि 9,600 से अधिक घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में गाजा में 455 लोगों की मौत और 856 लोगों के घायल होने की खबर है।

बिना शर्त इजरायल को मदद
व्हाइट हाउस नेशनल सिक्‍योरिट काउंसिल के अध्यक्ष जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका उन सैन्य प्रणालियों पर 'कोई शर्त' नहीं लगा रहा है जो वह गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल को प्रदान कर रहा है। उनका कहना था कि इजरायल को अपना बचाव करने का अधिकार है। किर्बी का कहना है, 'उन्हें इस आतंकवादी खतरे के पीछे जाने का अधिकार है और हम उन्हें ऐसा करने में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करना जारी रखेंगे।'

तेल अवीव पर बरसे रॉकेट

हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड ने दावा किया है कि वह सोमवार को इजरायल में तेल अवीव और येरूशलेम पर 'मिसाइलों की बौछार' की। मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गई। अल कसम ब्रिगेड ने कहा कि ताजा हमले इजरायल के 'नागरिकों को निशाना बनाने' के तौर पर थे। वाईनेट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य इजरायल और येरुशलेम पर सोमवार दोपहर में रॉकेट से हमला हुआ। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का संबोधन खत्‍म होने के तुरंत बाद सायरन ने आने वाली आफत की चेतावनी दी, जिससे संसद के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन में बाधा उत्पन्न हुई और सांसदों और मेहमानों को सुरक्षित क्षेत्रों में भेज दिया गया।

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