कटनी जिले के सुर्खी टैंक के पास वन विभाग के नाके पर प्राइवेट लोगों के बैठकर वाहन चालकों से पैसे वसूलने का आरोप लगा है। ट्रक चालकों का कहना है कि कागजात पूरे होने पर भी उनसे 10 से 20 रुपए लिए जाते हैं।
शनिवार को बिना वर्दी के आम लोगो का चेक पोस्ट में वाहनों के कागज़ चेक करने का वीडियो सामने आया है कोयला ले जा रहे ट्रक चालक धर्मराज ने बताया कि उनके पास वाहन के सभी वैध कागजात हैं, फिर भी नाके पर पैसे मांगे जाते हैं।
उनके मुताबिक, कागजात पूरे न होने पर 100 रुपए या उससे अधिक वसूले जाते हैं। इस रास्ते से गुजरने वाले कोयले के ट्रकों और दूसरे वाहनों को भी इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
पांच साल से दो ही वनकर्मी तैनात
नाके को स्थापित हुए लगभग 32 वर्ष हो चुके हैं। बीते 5 साल से इस नाके पर वन मंडल कटनी के द्वारा वनरक्षक सुमित सिंह को तैनात किया गया है। वनकर्मी दीपक खरे, वनरक्षक की मदद करने के उद्देश्य से इस नाके का संचालन करते हैं।
ड्राइवर बोले- हर बार देने होते हैं रुपए
शहडोल से कैमोर की तरफ कोयला लेकर जा रहे ट्रक चालक कमलेश का कहना है कि जितनी बार यहां से गुजरते हैं, उतनी बार कागज चेक करवाने पड़ते हैं। इसके बदले में कभी 20, कभी 50 और आज तो हमने 100 रुपए दिए हैं। पैसे किस बात के लिए जा रहे हैं, यह कोई नहीं बताता। बिलासपुर से पन्ना जिला कोयला लेकर जा रहे ट्रक चालक मनोज कुमार ने बताया कि सील-साइन करवाने के हर चक्कर में रुपए देने होते हैं।
अमलाई से कोयला लेकर सतना जा रहे ट्रक चालक प्रकाश कुमार यादव ने बताया कि पहले इस नाके पर हमारे कागज चेक किए जाते हैं। अगर टीपी (TP) का समय बचा है तो 10 से 20 लिए जाते हैं और अगर समय निकल गया है, तो 100 रुपए देने पड़ते हैं।
वन संपदा की जांच के लिए है नाका
क्षेत्रीय समाजसेवी अवध सिंह ने कहा कि नाका वन संपदा ले जाने वाले वाहनों की जांच के लिए बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब यहां प्राइवेट युवकों को बैठाकर बाहर से आने-जाने वाले वाहन चालकों से पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
क्या कहते हैं अधिकारी
कटनी के डीएफओ गर्वित गंगवार ने कहा कि नियम के मुताबिक नाके पर वन विभाग के कर्मचारी तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर नाका प्राइवेट लोग चला रहे हैं या अवैध वसूली हो रही है, तो इसकी जांच कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

