इस तरह सीखा कंप्यूटर
सुहास कैफ़े पर जाने लगे थे। लेकिन उनके पास इसके लिए पैसे नहीं थे। इसके लिए उन्होंने कैफ़े से एक डील की। उन्होंने कंप्यूटर सीखने के बदले रोज़ाना 1 बजे से 4 बजे तक कैफ़े खोलने और चलाने की जिम्मेदारी ले ली। सुहास कैफ़े पर काफी मेहनत से कंप्यूटर और वेबसाइट बनाना सीखने लगे। उन्होंने वेब डिज़ाइनर के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। जब वे वेबसाइट बनाना सीख गए, तब उनके पास कोई रेफरन्स नहीं था, इसलिए उन्होंने क्लाइंट के लिए पहली वेबसाइट फ्री में बनाई।
ऐसे बनाई कंपनी
सुहास के बास अब क्लाइंट्स की वेबसाइट्स बनाने का काम आने लगा। इससे उनके पास 100 डॉलर जमा हो गए। जब वह 9वीं कक्षा में थे, तब उन्होंने अपनी कमाई से कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन लिया। साल 2000 में जब वे 13 साल के थे, तब उन्होंने खुद की कंपनी स्थापित करने का फैसला लिया। लेकिन उनकी उम्र 18 साल से कम थी। ऐसे में वह भारत में कंपनी स्थापित नहीं कर सकते थे। ऐसे में उन्होंने साल 2000 में अमेरिका के कलिफोर्निया में अपने एक अमेरिकी दोस्त के साथ मिलकर ग्लोबल इनकॉर्पोरेशन की स्थापना की और वे सबसे कम उम्र के सीईओ बन गए।कई देशों में हैं ऑफिस
पिछले दो दशक में ग्लोबल्स इंक कॉरपोरेशन एक मल्टीनेशन कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी के प्रोडक्ट दुनिया के कई देशों में उपलब्ध हैं। कंपनी के ब्रांच ब्रिटेन, इटली, स्पेन, अमेरिका में हैं। यह तकनीकी सेवा प्रदान करने में टॉप कंपनियों में शामिल है। मौजूदा समय में कंपनी 1.01 बिलियन डॉलर की हो चुकी है।











