ज्वेलर्स अब चांदी के आभूषणों के अलावा मूर्तियां, गिफ्ट आइटम और यहां तक कि फर्नीचर तक बेच रहे हैं। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि इस फेस्टिव सीजन ज्वेलरी खरीदारी में चांदी की हिस्सेदारी बढ़ सकती है।
चांदी की ओर बढ़ रहे ग्राहक
सूरत के तीसरी पीढ़ी के डायमंड ज्वेलर और एसएन ज्वेलर्स के नागनेश पच्चीगर ने बताया कि अब उनकी कमाई में चांदी की हिस्सेदारी डायमंड से ज्यादा हो गई है। उनके कारोबार के सालाना रेवेन्यू में चांदी की हिस्सेदारी करीब 35% तक पहुंच गई है।उन्होंने कहा कि महंगे सोने के बीच मिडिल क्लास ग्राहक किफायती गिफ्ट के तौर पर चांदी के उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं। इस साल फेस्टिव सीजन में भी उन्हें चांदी की बिक्री से काफी उम्मीद है।
1.5 लाख रुपये में कितना सोना और चांदी?
मौजूदा कीमतों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये बताई गई है। इसी रकम में करीब 650 ग्राम चांदी खरीदी जा सकती है। कीमतों में इस बड़े अंतर के कारण चांदी उन ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती विकल्प बन रही है, जो कीमती धातु खरीदना चाहते हैं लेकिन सोने पर ज्यादा रकम खर्च नहीं करना चाहते।पच्चीगर के मुताबिक, नवरात्रि से शुरू होने वाले करीब एक महीने के फेस्टिव सीजन में उनकी सालाना चांदी बिक्री का करीब 40% हिस्सा आ सकता है। उनका कहना है कि चांदी अब ग्राहकों के लिए सोने का एक विकल्प बनती जा रही है।
दिवाली पर कितनी बढ़ सकती है खरीदारी?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, इस साल दिवाली सीजन में चांदी की खरीदारी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17% से 18% बढ़ने का अनुमान है।उनके मुताबिक चांदी की उपलब्धता को लेकर भी फिलहाल बड़ी दिक्कत नहीं है। सरकार ने जुलाई में चांदी के आयात पर मई में लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दी थी। यह कदम विदेशी मुद्रा के बाहर जाने को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए उपायों का हिस्सा था।
