देर रात घर पहुंचा पार्थिव शरीर
उपनिरीक्षक राहुल का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात सड़क मार्ग से घर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप, भाई-बहन और पत्नी श्वेता का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी की चीख से लोग फफक पड़े। अंतिम यात्रा के दौरान जब फूलों से सजी अर्थी को राहुल की पत्नी श्वेता ने डबडबाई आंखों से देखा तो वह खुद को संभाल न सकीं।पति को अंतिम बार बिदा करते हुए वह अर्थी पकड़कर रो पड़ीं। फूलों से सजी अर्थी को डबडबाई आंखों से देखते हुए श्वेता ने दारुण स्वर में कहा, 'हमके कहां छोड़ गइला ए सोना, हमहूं दरोगा बनब, हमके काहे छोड़ गइला'। पत्नी के इस विलाप से वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
हादसे ने छीन ली जिंदगी
राहुल गुप्ता 2023 बैच के उप निरीक्षक थे और बहराइच के मोतीनगर थाना क्षेत्र स्थित जालीमनगर चौकी पर तैनात थे। सोमवार रात ड्यूटी से वापस अपने क्वार्टर जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल लखनऊ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अप्रैल 2024 में तरांव गांव निवासी श्वेता से राहुल की शादी हुई थीएसआई राहुल दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता मनोज गुप्ता घर पर किराने की दुकान चलाते हैं। परिजनों ने बताया कि छोटी बहन ज्योति की शादी फरवरी 2026 में तय थी। बहन की शादी से पहले ही राहुल दुनिया छोड़कर चला गया, जिससे परिवार पर गहरा सदमा है।











