SIR- 30 करोड़ वोटर कार्ड से धुंधले फोटो हटेंगे:अब मकान नंबर की जगह ‘00’ नहीं लिखा जाएगा, पता दर्ज होगा

SIR- 30 करोड़ वोटर कार्ड से धुंधले फोटो हटेंगे:अब मकान नंबर की जगह ‘00’ नहीं लिखा जाएगा, पता दर्ज होगा
नई दिल्ली, निर्वाचन आयोग घर-घर जाकर वोटरों की पहचान करने के अंतिम दौर में पहुंच रहा है। अब बचे हुए 39 करोड़ 73 लाख वोटर्स के दरवाजे पर दस्तक देने की तैयारी है।

इस बीच भास्कर ने पड़ताल की कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद मतदाता फोटो पहचान कार्ड यानी एपिक में क्या बड़े बदलाव आए हैं। SIR के बाद अब तक तैयार 59 करोड़ मतदाताओं के फोटो न सिर्फ हाल ही के हैं बल्कि रंगीन भी हैं।

चुनाव आयोग के 9 लाख 20 हजार से ​ज्यादा बू​थ लेवल अफसरों (बीएलओ) ने मोबाइल से वोटरों के फोटो उनके पहचान पत्र के साथ जोड़कर मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाया है। इसके लिए BLO ने कोई फीस नहीं ली।

इसके अलावा, अब किसी भी वोटर का मकान नंबर ‘00’ दर्ज नहीं होगा, बल्कि सटीक पता लिखा जाएगा। SIR पूरा होने के बाद एक से ज्यादा जगह नाम रखना अपराध माना जाएगा। अब तक एएसडीडी कैटेगरी के तहत 2.6 लाख डुप्लीकेट वोटर आईडी हटाए जा चुके हैं।

पहले कार्ड में फोटो नहीं थे, या फिर बहुत धुंधले

पहले दौर में बिहार और सेकेंड फेज के 12 राज्यों के वोटर्स की घर-घर जाकर पुष्टि के बाद 59 करोड़ वोटरों के नए पहचान पत्र बने हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव कार्ड की फोटो का है। पहले के करीब 30% वोटर कार्ड में फोटो थे ही नहीं। किसी में तो ​इतने धुंधले थे कि पहचानना मुश्किल था।

वजह ये कि संविधान में फोटो आईडी कार्ड का जिक्र ही नहीं है। ऐसे में फोटो के लिए मतदाता को बाध्य नहीं किया जा सकता था। पड़ताल से पता चला कि करीब 30 करोड़ फोटो नदारद, धुंधले, पुराने या पहचान से परे थे। जो फोटो थे वे 20-30 साल पुराने थे।


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