वाल्मीकि रामायण के अनुसार, सीता ने अपने स्वयंवर में यह शर्त रखी थी कि जो कोई भी धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा पाएगा, वही उनसे विवाह करने का पात्र होगा। भगवान राम ने इस समारोह में भाग लिया और धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, लेकिन उनके दिव्य स्पर्श से धनुष दो टुकड़ों में टूट गया, जिससे परशुराम क्रोधित हो गए। वे भगवान शिव के भक्त थे और उन्होंने कैलाश पर्वत पर उनकी प्रार्थना में कई वर्ष बिताए थे। तब भगवान शिव ने उन्हें एक दिव्य फरसा दिया था।
'रामायणम्' में रणबीर कपूर राम और परशुराम दोनों क्यों बने! जानिए भगवान विष्णु के छठे अवतार की कहानी
रणबीर कपूर स्टारर 'रामायणम्' का ट्रेलर गुरुवार, 30 जुलाई की सुबह रिलीज हुआ। ट्रेलर में फैंस ने रणबीर को परशुराम और भगवान राम, दोनों ही रोल्स में देखा। कोई भी सोच सकता है कि रणबीर ये दोनों किरदार क्यों निभा रहे हैं, और इसका जवाब यह है कि ये दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं। भगवान विष्णु के दस अवतार थे, जिनमें से परशुराम छठे और राम सातवें अवतार थे। सीता के स्वयंवर के दौरान जब राम ने भगवान शिव का धनुष 'पिनाक' उठाया और उसकी प्रत्यंचा चढ़ाई, तब उनका सामना परशुराम से हुआ। आइए बताते हैं पूरी कहानी।
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, सीता ने अपने स्वयंवर में यह शर्त रखी थी कि जो कोई भी धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा पाएगा, वही उनसे विवाह करने का पात्र होगा। भगवान राम ने इस समारोह में भाग लिया और धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, लेकिन उनके दिव्य स्पर्श से धनुष दो टुकड़ों में टूट गया, जिससे परशुराम क्रोधित हो गए। वे भगवान शिव के भक्त थे और उन्होंने कैलाश पर्वत पर उनकी प्रार्थना में कई वर्ष बिताए थे। तब भगवान शिव ने उन्हें एक दिव्य फरसा दिया था।
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, सीता ने अपने स्वयंवर में यह शर्त रखी थी कि जो कोई भी धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा पाएगा, वही उनसे विवाह करने का पात्र होगा। भगवान राम ने इस समारोह में भाग लिया और धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई, लेकिन उनके दिव्य स्पर्श से धनुष दो टुकड़ों में टूट गया, जिससे परशुराम क्रोधित हो गए। वे भगवान शिव के भक्त थे और उन्होंने कैलाश पर्वत पर उनकी प्रार्थना में कई वर्ष बिताए थे। तब भगवान शिव ने उन्हें एक दिव्य फरसा दिया था।
