विशाल चतुर्वेदी निर्देशित और शोभिनव सत्य स्टारर फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी नीम करोली बाबा की है, जिनपर लोगों की आस्था आज से नहीं बल्कि बरसों पुरानी है। ये फिल्म उनके ही जीवन के शुरुआती दौर की कहानी है। तब लोग उन्हें लक्ष्मण दास नाम से जानते थे। छोटी सी उम्र में इस बच्चे ने अपनी मां को खो दिया था। इसके बाद उसके मन में जीवन, मृत्यु और ईश्वर को लेकर कई सवाल पैदा होते हैं। उन्हीं जवाबों की तलाश में वह घर छोड़कर उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। इस दौरान उसकी मुलाकात कई संतों और भक्तों से होती है। जैसे-जैसे ये सफर आगे बढ़ता है धीरे-धीरे उसका झुकाव सांसारिक जीवन से हटकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने लगता है। आखिरकार यही यात्रा अंत में जाकर उन्हें नीम करोली बाबा के रूप में में एक नई पहचान देती है। फिल्म में प्रेम, करुणा, सेवा और भक्ति जैसे विषयों पर काफी ध्यान दिया गया है।
नीम करोली बाबा पर बनी 'हनुमान अंश' ने जन्माष्टमी पर भी मचाई गजब धूम, TOXIC की बजी बैंड
प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवनी पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' अपनी कहानी में आस्था के दम पर रोज नया इतिहास रच रही है। अमूमन जहां फिल्में 28-30 दिन आते-आते बेहाल हो जाया करती हैं वहीं विशाल चतुर्वेदी निर्देशित इस फिल्म में नई उर्जा दिख रही है। इंडस्ट्री इस बात से हैरान है कि जो फिल्म शुरुआती दिनों में 10-20 लाख रुपये कमा रही थी, वो अब इतने दिनों बाद करोड़ों में कैसे खेल रही है। फिल्म को रिलीज हुए 29 दिन गुजर चुके हैं और अब ये फिल्म तेजी से 100 करोड़ के आंकड़े की तरफ बढ़ रही है। वहीं 10 दिन पहले रिलीज यश की फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर प्रमोशन तो जबरदस्त हुए लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर लोगों के नेगेटिव रिव्यू ने इसकी कमाई की बैंड बजा दी है।
विशाल चतुर्वेदी निर्देशित और शोभिनव सत्य स्टारर फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी नीम करोली बाबा की है, जिनपर लोगों की आस्था आज से नहीं बल्कि बरसों पुरानी है। ये फिल्म उनके ही जीवन के शुरुआती दौर की कहानी है। तब लोग उन्हें लक्ष्मण दास नाम से जानते थे। छोटी सी उम्र में इस बच्चे ने अपनी मां को खो दिया था। इसके बाद उसके मन में जीवन, मृत्यु और ईश्वर को लेकर कई सवाल पैदा होते हैं। उन्हीं जवाबों की तलाश में वह घर छोड़कर उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। इस दौरान उसकी मुलाकात कई संतों और भक्तों से होती है। जैसे-जैसे ये सफर आगे बढ़ता है धीरे-धीरे उसका झुकाव सांसारिक जीवन से हटकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने लगता है। आखिरकार यही यात्रा अंत में जाकर उन्हें नीम करोली बाबा के रूप में में एक नई पहचान देती है। फिल्म में प्रेम, करुणा, सेवा और भक्ति जैसे विषयों पर काफी ध्यान दिया गया है।
विशाल चतुर्वेदी निर्देशित और शोभिनव सत्य स्टारर फिल्म 'हनुमान अंश' की कहानी नीम करोली बाबा की है, जिनपर लोगों की आस्था आज से नहीं बल्कि बरसों पुरानी है। ये फिल्म उनके ही जीवन के शुरुआती दौर की कहानी है। तब लोग उन्हें लक्ष्मण दास नाम से जानते थे। छोटी सी उम्र में इस बच्चे ने अपनी मां को खो दिया था। इसके बाद उसके मन में जीवन, मृत्यु और ईश्वर को लेकर कई सवाल पैदा होते हैं। उन्हीं जवाबों की तलाश में वह घर छोड़कर उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। इस दौरान उसकी मुलाकात कई संतों और भक्तों से होती है। जैसे-जैसे ये सफर आगे बढ़ता है धीरे-धीरे उसका झुकाव सांसारिक जीवन से हटकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने लगता है। आखिरकार यही यात्रा अंत में जाकर उन्हें नीम करोली बाबा के रूप में में एक नई पहचान देती है। फिल्म में प्रेम, करुणा, सेवा और भक्ति जैसे विषयों पर काफी ध्यान दिया गया है।
