नोएडा वालों के करोड़ों रुपये बैंकों में क्‍यों फंस गए? धनतेरस पर घर और प्‍लॉट खरीदने जा रहे लोग संकट में

नोएडा वालों के करोड़ों रुपये बैंकों में क्‍यों फंस गए? धनतेरस पर घर और प्‍लॉट खरीदने जा रहे लोग संकट में
नोएडा: धनतेरस पर जमीन, दुकान और मकान खरीदने वाले सैकड़ों लोगों के सामने चे‍क क्लियरेंस का संकट खड़ा हो गया है। जिले के एक दो नहीं अधिकांश बैंकों में इस संकट के चलते काफी लोगों के करोड़ों रुपये फंस गए हैं। लोग बैंकों के चक्‍कर लगा रहे हैं लेकिन उन्‍हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। बैंक में काउंटर पर बैठे कर्मचारी कह रहे हैं कि आरबीआई नए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर रहा है जिनसे नए साल में एक ही दिन में अब सभी चेक क्लियर हो जाएंगे।
बैंकों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने चेक क्लियरेंस के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। तीन जनवरी 2026 से उसी दिन चेक क्लियर करने का नियम बनाया गया है। इसके तहत चेक जमा करने के तीन घंटे के भीतर क्लियर हो जाएगा। इसका पहला चरण 4 अक्‍टूबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक है।


नए सिस्‍टम से तेजी से मिलेंगे रुपये

इसमें बैंक में चेक जमा करने के बाद शाम सात बजे तक कन्‍फरमेंशन देना होगा वरना चेक अपने आप क्लियर मान लिया जाएगा। इस नए सिस्‍टम से ग्राहकों को रुपये तेजी से मिलेंगे और बैंकों की लेन देन की दक्षता बढ़ेगी। आरबीआई के इस नियम के चलते सॉफ्टवेयर अपडेशन का काम सभी बैंकों में चल रहा है। तकनीकी दिक्‍कतों के चलते चेक भी बाउंस हो रहे हैं। लोगों को कुछ दिन और दिक्‍कत हो सकती है।


क्‍या बोले बैंक मैनेजर?

लीड बैंक के मैनेजर राजेश कठेरिया ने बताया कि इस समस्‍या में बैंकों की कोई भूमिका नहीं है। आरबीआई का सर्वर अपग्रेड करने से यह तकनीकी समस्‍या हुई है। इसे सही कराया जा रहा है। एक से दो दिनों में सर्वर ठीक होने की संभावना है।
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