सरकारी एजेंसी केसीएनए के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की सेंट्रल कमिटी की बैठक की रिपोर्ट में, सत्तारूढ़ दल ने 'उन अधिकारियों की तीखी आलोचना की, जिन्होंने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से सैटेलाइट लॉन्च की तैयारी की'। बैठक में इस 'गंभीर' विफलता की जांच की मांग भी की गई। कमिटी ने जल्द ही अपने जासूसी उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च करने की कसम खाई। प्योंगयांग का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के विरोध में इसकी आवश्यकता है।
समुद्र में क्रैश हुए उत्तर कोरियाई जासूसी उपग्रह के लिए कौन जिम्मेदार? 'लापरवाह' अधिकारियों पर गिरी गाज
प्योंगयांग : उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में हाल ही में फेल हुए एक सैटेलाइट लॉन्च की निंदा की। सरकारी मीडिया ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों को 'कड़ी' आलोचना का सामना करना पड़ा। उत्तर कोरिया ने 31 मई को अपने पहले सैन्य जासूसी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने का प्रयास किया था। लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद यह समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उत्तर कोरिया के इस सैटेलाइट लॉन्च ने जापान और दक्षिण कोरिया में लोगों को डरा दिया था।
सरकारी एजेंसी केसीएनए के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की सेंट्रल कमिटी की बैठक की रिपोर्ट में, सत्तारूढ़ दल ने 'उन अधिकारियों की तीखी आलोचना की, जिन्होंने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से सैटेलाइट लॉन्च की तैयारी की'। बैठक में इस 'गंभीर' विफलता की जांच की मांग भी की गई। कमिटी ने जल्द ही अपने जासूसी उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च करने की कसम खाई। प्योंगयांग का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के विरोध में इसकी आवश्यकता है।
सरकारी एजेंसी केसीएनए के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की सेंट्रल कमिटी की बैठक की रिपोर्ट में, सत्तारूढ़ दल ने 'उन अधिकारियों की तीखी आलोचना की, जिन्होंने गैर-जिम्मेदाराना ढंग से सैटेलाइट लॉन्च की तैयारी की'। बैठक में इस 'गंभीर' विफलता की जांच की मांग भी की गई। कमिटी ने जल्द ही अपने जासूसी उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च करने की कसम खाई। प्योंगयांग का कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के विरोध में इसकी आवश्यकता है।











