मां ने दिखाया आसमान तो बेटियों ने मुश्किलों को दी मात, भरी ऊंची उड़ान

मां ने दिखाया आसमान तो बेटियों ने मुश्किलों को दी मात, भरी ऊंची उड़ान
भोपाल। मां है तो जीवन में कोई गम नहीं होता। दुनिया साथ दे या न दे पर मां का प्यार कभी कम नहीं होगा। यह कोई कहावत नहीं है बल्कि सचाई है। समाज में ऐसी माताओं की कमी नहीं है जिन्होंने स्वयं तकलीफ उठाकर बेटियों की प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया। आसमान दिखाया तो बेटियों ने भी ऊंची उड़ान भरी और परिवार और समाज का नाम रौशन किया।

मदर्स को सार्थक करने वाली ऐसी माताओं पर बेटियों को भी गर्व है। मदर्स के त्याग और बलिदान से प्रगति के पथ पर अग्रसर बेटियों का कहना है किवे मां के समर्पण को भी भुला नहीं सकतीं।

बेटी को सिखाया संघर्ष, मिली सफलता

कहते हैं मां ही संतान की पहली शिक्षक होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है हिना चोटवानी ने। बेटी मुस्कान के कैरियर को लेकर चिंतित रही हिना ने बेटी को हमेशा यही सिखाया कि कठिन परिश्रम ही सफलता की सीढ़ी है। मुस्कान ने भी मां के वचनों को सार्थक कर दिखाया। मुस्कान ने जुंबा और और फिटनेस ट्रेनर के रूप में राजधानी में अलग पहचान बना ली है। यंगस्टर के लिए वे फिटनेस आइकोन बन चुकी मुस्कान अपनी सफलता का श्रेय मां के त्याग, समर्पण और विश्वास को देती हैं। जितेश से मैरिज के बाद भी मुस्कान की सक्सेस स्टोरी जारी है।

मां ने कहा पीछे मुड़कर मत देखना

आमतौर पर कहा जाता है कि बेटियां अधिक पढ़ लिखकर क्या करेंगी लेकिन मां पुष्पा तोलानी कभी इससे सहमत नहीं रहीं। संपन्न व्यापारिक घराने से जुड़े होने के बावजूद पुष्पा ने बेटी मोनिका की ऊंची उड़ान भरने के लिए खुला आसमान दिया। मोनिका ने भी मां के दिखाए रूट पर खुलकर उड़ान भरी। पहले नेचुरोपैथी में अपना हुनर दिखाया। प्राकृतिक चिकित्सक बनने के बाद योगा ट्रेनर के रूप में राजधानी में अलग पहचान बनाई। मोनिका को ऋषिकेष में योगा डे के अवसर पर हुए आयोजन में उत्कृष्ट कार्य के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। मोनिका कहती हैं किमां से प्रेरणा नहीं मिलती तो शायद में यहां तक नहीं पहुंचती।

बेटी के सपनों को दिया पूरा साथ

मेकअप आर्टिस्ट नीतू रामचंदानी पिछले 25 साल से सोशली एक्टिव लेडी हैं। समाज में अलग पहचान कायम करने के साथ ही नीतू ने जिम्मेदार मां का रोल भी पूरी निष्ठा से निभाया है। बेटी रितिका के सपनों को पूरा करने में वे कभी पीछे नहीं हटीं। मां का प्रोत्साहन मिला तो रितिका ने हेयर एवं ब्यूटी एक्सपर्ट के रूप में अलग पहचान बना ली। देश के नामी कारपोरेट घरानों से रितिका को अवार्ड मिल चुके हैं। नीतू सामाजिक कार्यक्रमों में भी उत्साह के साथ भाग लेती हैं। रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना उनका शगल है। बेटी रितिका ने भी मां के पदचिन्हों पर चलकर विनम्रता को अपना आभूषण बनाया है।

सपना बेटी को दिया, पूरा भी कराया

सपने सब देखते हैं पर हर सपना पूरा नहीं होता। मां बनने से पहले ही पूनम भावनानी ने कोरियोग्राफर बनने का सपना देखा लेकिन समय बीतता गया। सपना पूरा नहीं हो सका। संयोग से बेटी नैंसी भावनानी की रूचि भी इस क्षेत्र में है। पूनम ने नैंसी को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भरपूर प्रोत्साहन दिया। नतीजा यह निकला की नैंसी ने सफल कोरियोग्राफर के रूप में अपने झंडे गाड़ दिए। नैंसी को भगवान कला केंद्र, मेला समिति, संस्कार यूथ सुधा सहित तमाम संस्थाओं ने नैंसी की कला की कद्र करते हुए सम्मानित किया है। नैंसी कहती हैं किमां के बिना मैं अधूरी हूं।

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