देशविरोधी गतिविधियों का आरोपी फराज प्रतिबंधित संगठन SIMI और PFI के संपर्क में था, ATS की पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

देशविरोधी गतिविधियों का आरोपी फराज प्रतिबंधित संगठन SIMI और PFI के संपर्क में था, ATS की पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
भोपाल। देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार भोपाल का मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह प्रतिबंधित संगठन सिमी और पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्यों से भी जुड़ा हुआ था। एटीएस की पूछताछ में उसने बताया कि सिमी के सदस्य अरशद बिलग्रामी से उसकी पहचान थी। फराज जिस अस्पताल में काम करता था वहां अरशद आता रहता था और दोनों की बातचीत होती थी।
फराज ने पूछताछ में यह भी बताया कि पीएफआई के सदस्य वसीम अख्तर ने भोपाल के ही एक अन्य अस्पताल में उसके साथ काम किया था, जिससे फराज उसके संपर्क में आ गया था।

चैट और कॉल डाटा मिटाते थे आरोपी

बता दें कि देशविरोधी गतिविधियों के आरोप में केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई को प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था। पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि आरोपी कॉल डिटेल और विभिन्न एप की चैट हिस्ट्री हटा देते थे। अब एटीएस हटाई गई सामग्री वापस लाने का प्रयास कर रहा है।

चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य संदिग्धों पर नजर

मामले में चार आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया था, जिसमें फराज को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बाकी तीन पुलिस हिरासत में हैं। एटीएस उनसे पूछताछ कर रही है। एटीएस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले नईम अब्दुल्ला, राजस्थान के अलवर के रहने वाले शाकिर मेव और बिहार के मधुबनी से इजहार उल हक को गिरफ्तार किया है। कुछ अन्य संदिग्धों पर एटीएस की नजर है।

पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर कर रहे थे काम

सूत्रों का कहना है कि सभी आरोपी एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर देशविरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे। हैंडलर उनसे कहता था कि भारत में चुनी हुई सरकार नहीं चाहिए। 2047 तक इसे उखाड़ फेंकना है। इसके लिए तैयार रहना होगा। सभी आरोपी अपने-अपने राज्यों में अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से युवाओं को बरगलाकर कट्टर बनाने के लिए काम कर रहे थे।

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