अमेरिका का कहना है कि गाजा की जंग को देखते हुए अपने सैनिकों की रक्षा के लिए इन हथियारों की तैनाती कर रहा है। इजरायल पर हमास के हमले के बाद ईरान समर्थित मिलिशिया ने 1 दर्जन से ज्यादा बार अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया है। ये हमले इराक और सीरिया में किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट रायडर ने कहा कि हम जानते हैं कि इराक और सीरिया में ये हमले ईरान की सरकार और सेना के समर्थन से किए गए हैं। हम इसे पूरे इलाके में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ और ज्यादा उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखते हैं जो आने वाले समय में बढ़ सकते हैं।
इजरायल के लिए अमेरिका ने भेजा हथियारों का जखीरा
प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों को ईरान के प्रॉक्सी संगठनों और आखिर में ईरान की ओर से समर्थित हैं। इन खतरों को देखते हुए अमेरिका ने अपने सबसे घातक परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर और थॉड तथा बड़ी तादाद में पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम को इस इलाके में तैनात किया है। अमेरिका ने अब न्यूजर्सी से अब एफ-16 फाइटर जेट को भी खाड़ी देशों के लिए भेज दिया है। यही नहीं बड़ी तादाद में सैनिकों को भी बिल्कुल तैयार हालत में रहने के लिए कहा गया है। अमेरिका का कहना है कि इजरायल पर हमले के बाद वह अपने सैनिकों की रक्षा के लिए यह कदम उठा रहा है।
रायडर ने कहा कि पेंटागन इजरायल के आतंकियों से आत्मरक्षा के अधिकार का भी समर्थन कर रहा है। साथ ही यह संघर्ष सीमा से सटे अन्य देशों में नहीं भड़के इसके लिए भी प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल को भी आत्मरक्षा के लिए बड़ी तादाद में हथियार भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि सटीक हमला करने वाले बम, तोपें, गोला बारूद, आयरन डोम की मिसाइलें और अन्य जरूरी हथियार इजरायल को भेजे गए हैं। अमेरिका ने अपने सैन्य सलाहकार भी भेजे हैं ताकि बंधक संकट का हल निकाला जा सके।
