डेक्कन हेराल्ड (डीएच) की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली ने 24 और 25 सितंबर के बीच बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित करने वाला एक नोटम जारी किया है। इससे भारत की ओर से मिसाइल परीक्षण की अटकलों को बल मिला है। युआन वांग अगस्त 2022 में हंबनटोटा बंदरगाह पर पहुंचा था। इसे श्रीलंका ने 2016 में चीन की एक सरकारी कंपनी को पट्टे पर दे दिया था। इस पर भारत ने श्रीलंका को अपनी सुरक्षा चिंताओं से अवगत कराया था। युआन वांग 5 के आखिरी बार 18 सितंबर के आसपास इंडोनेशिया के पास होने की सूचना मिली थी।
क्यों बढ़ी भारत की चिंता
सूत्रों ने डीएच को बताया कि मिसाइल टेस्ट के समय हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी पीएलए नौसेना के जहाज की गतिविधियों ने नई दिल्ली में चिंताएं पैदा की है। इसमें सबसे अहम चिंता ये है कि इस शिप की दोहरे उपयोग वाली ट्रैकिंग क्षमताओं का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा सकता है।युआन वांग 5 में उच्च-सटीकता और लंबी दूरी की डाइमेंशन कॉम्पेरेटि मोनोपल्स रडार प्रणालियां हैं। ये उड़ान या कक्षा में मौजूद वस्तुओं का मैन्युअल या स्वचालित रूप से पता लगाने और उन पर नजर रखने में सक्षम हैं। इस शिफ में 400 से ज्यादा कर्मियों का दल है।











