कश्‍मीर पर ऐसा क्‍या हो गया जो भारत में इजरायली राजदूत ने सार्वजनिक रूप से मानी गलती, धन्‍यवाद भी बोला

कश्‍मीर पर ऐसा क्‍या हो गया जो भारत में इजरायली राजदूत ने सार्वजनिक रूप से मानी गलती, धन्‍यवाद भी बोला
तेलअवीव: इजरायल और हिज्‍बुल्‍लाह में भीषण लड़ाई के बीच भारत में इजरायल के राजदूत रेउवेन अजार ने कश्‍मीर को लेकर अपनी एक बड़ी गलती मानी है। दरअसल, इजरायल के विदेश मंत्रालय ने अपनी सरकारी वेबसाइट पर भारत का एक नक्‍शा लगाया था। इस नक्‍शे में पीओके को पाकिस्‍तान का हिस्‍सा बताया गया था। इसको लेकर माइक्रो ब्‍लागिंग वेबसाइट एक्‍स पर लोगों ने सवाल पूछने शुरू किए और इजरायली नीतियों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। भारत और इजरायल के बीच दोस्‍ती अब चट्टान जैसी मजबूत हो चुकी है और इस बड़ी गलती को देख इजरायल के भारत में राजदूत तत्‍काल ऐक्‍शन में आ गए। रेउवेन ने तत्‍काल नक्‍शे को वेबसाइट से हटवा दिया।

इजरायली राजदूत रेउवेन ने एक्‍स पर पोस्‍ट किया, 'यह वेबसाइट के एडिटर की गलती थी। ध्‍यान दिलाने के लिए धन्‍यवाद। इस नक्‍शे को हटा लिया गया है।' उनके इस पोस्‍ट पर भारतीयों ने उन्‍हें धन्‍यवाद दिया और कहा कि इजरायल हमेशा से ही कश्‍मीर पर भारत के साथ खड़ा रहता है। बता दें कि इजरायल ने खुलकर ऐलान किया है कि वह कभी भी कश्‍मीर के मामले में पाकिस्‍तान का सपोर्ट नहीं करेगा। कश्‍मीर भारत और पाकिस्‍तान के बीच विवाद का मुख्‍य विषय रहा है।

इजरायल को सपोर्ट कर रहा भारत


पाकिस्‍तान कश्‍मीर में सीमापार आतंकवाद को फैला रहा है और इजरायल इसके खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खुलकर खड़ा है। इजरायल ने खुलकर भारत की उस नीति का समर्थन किया है जिसमें कश्‍मीर को हिंदुस्‍तान का अभिन्‍न हिस्‍सा बताया गया है। पाकिस्‍तान ने कई बार पर्दे के पीछे से इजरायल के साथ रिश्‍ते बनाने की कोशिश की है लेकिन कश्‍मीर पर उसे अभी तक तेलअवीव का साथ नहीं मिला है। बता दें कि इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई में भारत एक तरह से पुल बन रहा है।

इजरायल और ईरान ने भारत के जरिए एक-दूसरे को संदेश भ‍िजवाया है। इजरायल के राजदूत ने भारत के आतंकवाद के प्रति रुख की जमकर प्रशंसा की है। बता दें कि हमास के हमले के बाद पीएम मोदी ने इस आतंकी घटना करार दिया था। यही नहीं इजरायली जवाबी कार्रवाई पर भारत ने इसे तेलअवीव का अधिकार करार दिया था। भारत ने संयुक्‍त राष्‍ट्र में आए प्रस्‍तावों पर भी कई बार इजरायल का खुलकर साथ दिया है। हालांकि भारत ने अलग फलस्‍तीन देश की नीति का एक बार फिर से खुलकर समर्थन किया है। इजरायल ने कारगिल युद्ध के समय भारत को कई घातक बम दिए थे जिससे पाकिस्‍तानी सैनिकों का सफाया हुआ। भारत बड़े पैमाने पर हथियार, मिसाइलें और किलर ड्रोन दिए हैं।
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