मध्य प्रदेश में बारिश का दौर सोमवार को भी जारी रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने जबलपुर, भिंड, छिंदवाड़ा, विदिशा समेत 12 जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। हालांकि, ओले या तेज आंधी का अलर्ट नहीं है। इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। दिन के टेम्प्रेचर में 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, एक सप्ताह बाद फिर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो सकता है।
वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहा। इस वजह से तेज आंधी चली, ओले गिरे और बारिश भी हुई। सोमवार को भी सिस्टम का असर रहेगा, लेकिन अब यह कमजोर हो गया है। इस कारण कुछ जिलों में ही हल्की बारिश होने का अनुमान है।
आज यहां बदला रहेगा मौसम
भिंड, दतिया, विदिशा, रायसेन, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और बालाघाट में गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है।
7 अप्रैल से बदला प्रदेश का मौसम
प्रदेश में 8 दिन से आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी है। 7 अप्रैल से ही प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो रही है। वहीं, आंधी चलने के साथ ओले भी गिर रहे हैं। सिस्टम की एक्टिविटी की वजह से रविवार को भी कुछ जिलों में हल्की बारिश हुई।
ओले-आंधी के चलते एडवाइजरी
- ओले, बारिश और आंधी का मौसम बनने से मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें उन्हें आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है।
- ओले गिरने और तेज हवा के कारण खुले क्षेत्र में फसलों को नुकसान की संभावना है, इसलिए उसे समेटकर रख लें।
- आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल को हानि हो सकती है। ऐसे में सुरक्षित स्थान पर रहे।
- घर के अंदर रहे। खिड़कियों और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।
- सुरक्षित आश्रय लें और पेड़ों के नीचे शरण लें।
- इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- पूर्वी मध्यप्रदेश में जहां भी बारिश की संभावना है, वहां फसलों को सुरक्षित करने के उपाय के साथ सिंचाई और रासायनिक छिड़काव से बचें।
- पश्चिमी मध्यप्रदेश में जहां तेज धूप निकलने का अनुमान है, वहां हल्की सिंचाई करें।











