मेट्रो प्रोजेक्ट में वोकल फॉर लोकल:नट-बोल्ट से लेकर हैवी मशीनरी भी स्थानीय से खरीदेंगे, 2.5 हजार करोड़ के ऑर्डर संभव

मेट्रो प्रोजेक्ट में वोकल फॉर लोकल:नट-बोल्ट से लेकर हैवी मशीनरी भी स्थानीय से खरीदेंगे, 2.5 हजार करोड़ के ऑर्डर संभव

एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बनाई बायर-सेलर मीट की योजना

भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में भी ‘वोकल फॉर लोकल’ की पहल होने वाली है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनियों के लिए बायर-सेलर मीट की योजना बनाई है। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट में काम कर रही कंपनियों को स्थानीय वेंडर कंपनियों से जोड़ा जाएगा ताकि छोटी-बड़ी जरूरत का सामान स्थानीय स्तर पर खरीदा जाए।

भोपाल मेट्रो की कुल लागत लगभग 7000 करोड़ है, जबकि इंदौर मेट्रो की कुल लागत 7.5 हजार करोड़ है। मेट्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों के मुताबिक यदि इनमें से 10 से 15% भी स्थानीय सप्लाई होती है तो भोपाल सहित प्रदेश की कंपनियों को 2 से 2.5 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा।

कॉर्पोरेशन ने इसकी योजना बना ली है और लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद सीआईआई, फिक्की, दलित चैम्बर ऑफ कॉमर्स सहित औद्योगिक संगठनों के साथ आयोजन को लेकर बैठक होगी। कॉर्पोरेशन इन संगठनों से जुड़ी मेंबर कंपनियों के साथ मिलकर बायर-सेलर मीट आयोजित करेगा।

14 हजार करोड़ रुपए लागत

  • 07 हजार करोड़ रुपए का है भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट
  • 7.5 हजार करोड़ है इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत

इन क्षेत्रों में सप्लाई का स्कोप... सिग्नलिंग, लाइटिंग, स्टील फेब्रिकेशन, सेफ्टी इक्विपमेंट, रेल लाइन वेल्डिंग, सिविल कामों से जुड़े इंटीरियर वर्क, पावर सप्लाई से जुड़े उपकरण, नट-बोल्ट, ब्रिज बियरिंग्स, जेसीबी मशीन, क्रेन, लोडर्स सहित तमाम मशीनरी की सप्लाई प्रदेश की कंपनियों से हो सकती है।

ज्यादातर सप्लाई बाहर से... भोपाल -इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में पेटी कॉन्ट्रैक्टर्स मिलाकर करीब 80 फर्म काम कर रही हैं। इन सभी को बायर-सेलर मीट में शामिल करके स्थानीय सप्लाई बढ़ाने का काम किया जाएगा। अभी तक सिविल कंस्ट्रक्शन से जुड़ी सामग्री के अलावा ज्यादातर सप्लाई बाहर की कंपनियों से हो रही है।

उद्योग संगठन बोले-कॉस्ट भी कम होगी
मंडीदीप उद्योग संगठन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए वोकल फॉर लोकल के मंत्र के तहत ये अच्छी पहल होगी। अग्रवाल ने कहा कि मंडीदीप में हाई इंजीनियरिंग, रेलवे इंजन पार्ट्स, हाई प्रेसिजन इंस्ट्रूमेंट्स, ब्रिज बियरिंग्स जैसे सहित तमाम इक्विपमेंट बनाने वाले मैन्युफैक्चरर्स हैं। इससे मेट्रो की कॉस्ट भी कम होगी। गोविंदपुरा इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय गौर के मुताबिक गोविंदपुरा के 1-2 हैवी फेब्रिकेशन वाली कंपनियां प्रदेश से बाहर मेट्रो प्रोजेक्ट में भी काम कर रही हैं।


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