सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनावों से पहले सरकार का फोकस उस राज्यों में प्रोजेक्ट पूरा करने और नए प्रोजेक्ट्स की नींव रखने पर होगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। सोमवार को मोदी की अध्यक्षता में हुई एक मीटिंग में इस बारे में एक प्रजेंटेशन दी गई। इसके मुताबिक अगले साल फरवरी-मार्च तक 7.6 लाख करोड़ रुपये की 560 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा जबकि 5.6 लाख करोड़ रुपये के करीब 350 प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी। इनमें 60 से 65 सिग्नेचर प्रोजेक्ट हैं। ये ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं जिनमें लागत 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है या जो सामरिक महत्व के हैं। इनमें चिनाब ब्रिज, पंबन रेलवे ब्रिज, सोने ब्रिज, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अंकलेश्वर-बड़ौदा स्ट्रेच और गोरखपुर-हरियाणा अणु विद्युत परियोजना शामिल है।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे
प्रधानमंत्री मोदी इस हफ्ते अपने दो दिन की यात्रा में दो अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। इसमें अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक नया सेक्शन शामिल है। यह सेक्शन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन को सोन नगर से जोड़ता है। सूत्रों का कहना है कि करीब 200 प्रोजेक्ट्स उद्घाटन के लिए तैयार हैं जबकि 200 और प्रोजेक्ट्स के 2023 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि मोदी शुक्रवार को सबसे पहले रायपुर जाएंगे जहां वह कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखेंगे और कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें रायपुर-विशाखापटनम के बीच छह लेन के नेशनल हाइवे शामिल है।
रायपुर के बाद वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जाएंगे और वहां गीता प्रेस के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साथ ही वह तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। मोदी गोरखपुर रेलवे स्टेशन के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की भी आधारशिला रखेंगे। पीएम अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी जाएंगे जहां वह कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे। इनमें एनएच-56 पर चार लेन का वाराणसी-जौनपुर सेक्शन, मणिकर्णिका घाट और हरीशचंद्र घाट का रेनोवेशन शामिल है। शनिवार को प्रधानमंत्री तेलंगाना के वारंगल जाएंगे जहां वह कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखेंगे। इनमें नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर भी शामिल है। इसके बाद वह राजस्थान के बीकानेर जाएंगे।











