दुर्लभ जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता के लिए दो दिवसीय कार्यशाला

दुर्लभ जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता के लिए दो दिवसीय कार्यशाला

 भोपाल। लैसर नौन स्पीशीज आफ मध्य प्रदेश पर द्वितीय कार्यशाला का शुभारंभ शनिवार को भोपाल में होगा। दूसरी बार ऐसे जीव- जंतुओं पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिनके बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। बाघ, तेंदुए, चीतल, मोर आदि के बारे में चर्चा होती रहती है लेकिन वनों एवं जलीय क्षेत्रों में पाए जाने वाले कुछ जीव- जंतुओं ऐसे भी हैं जो अत्यंत दुर्लभ हैं और इन पर शोध कार्य बहुत ही कम हुए हैं।

ऐसे ही प्रजातियों पर चर्चा करने व जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भोपाल में शनिवार और रविवार को लैसर नौन स्पीशीज आफ मध्य प्रदेश पर आधारित द्वितीय कार्यशाला का आयोजन एसएनएचसी इंडिया द्वारा मध्य प्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड, भोपाल बर्ड्स संस्था एवं वाइल्डलाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया के सहयोग से किया जा रहा है।

कार्यशाला का उद्घाटन राज्यपाल मंगुभाई पटेल अरेरा कालोनी स्थित पर्यावरण परिसर एप्को के सभागार में करेंगे। इइसमें पैंगोलिन, इंडियन वुल्फ, ब्लैक बेलिड टर्न ,चौसिंघा, ग्रीन मुनिया, फिशिंग कैट, घड़ियाल, मध्य प्रदेश में पाई जाने वाली मकड़ियों एवं सरीसृप प्रजातियों पर चर्चा होगी।

भविष्य में इनके संरक्षण के लिए रणनीति तैयार की जाएगी। कार्यशाला में मध्य प्रदेश वन विभाग, बांबे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया, मद्रास क्रोकोडाइल बैंक एवं जूलाजिकल सर्वे आफ इंडिया आदि संस्थाओं से विशेषज्ञ भाग लेंगे।

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