तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र... मुस्लिम देशों के साथ अमेरिका में बड़ी बैठक क्यों करने जा रहे ट्रंप, शहबाज शरीफ भी होंगे शामिल

तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र... मुस्लिम देशों के साथ अमेरिका में बड़ी बैठक क्यों करने जा रहे ट्रंप, शहबाज शरीफ भी होंगे शामिल
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ बैठक करने जा रहे हैं। वॉइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसकी पुष्टि की है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में गाजा का मुद्दा छाया हुआ है। लेविट ने बताया कि बैठक में सऊदी अरब, कतर, इंडोनेशिया, तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के नेता शामिल होंगे। पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसमें हिस्सा लेने जाएंगे। इस बैठक में ट्रंप गाजा में युद्ध समाप्त करने और उसके बाद शासन की अमेरिकी योजना का खुलासा कर सकते हैं। इस योजना पर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर महीनों से काम कर रहे हैं।

एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिका चाहता है कि अरब और मुस्लिम देश गाजा में सैन्य बल भेजने पर सहमत हों, जिससे इजरायल की वापसी संभव हो सके। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतों ने सोमवार को कहा कि उनका देश गाजा में शांति सेना के लिए सैनिक भेजने को तैयार है। यह बैठक 29 सितम्बर को वॉइट हाउस में ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्याहू की तय मुलाकात से कई दिन पहले हो रही है। इस बीच इजरायल ने गाजा सिटी पर कब्जे के लिए अभियान छेड़ रखा है। इजरायली सेना (IDF) तीन बख्तरबंद और पैदल सेना डिवीजनों के साथ आगे बढ़ रही है।

गाजा पर रख सकते हैं बड़ा प्रस्ताव

माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रंप युद्ध समाप्त करने के लिए अब तक का सबसे ठोस प्रस्ताव रख सकते हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि मंगलवार की बैठक काफी महत्वपूर्ण हो सकीत है। हमें युद्ध समाप्त करने की रूपरेखा का अच्छा अंदाजा है। हम वह प्रस्तुत करना चाहते हैं जो हमें लगता है कि आगे बढ़ने का एकमात्र व्यवहार्य रास्ता है और हम इसे सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय समर्थन और सहमति चाहते हैं।

गाजा पर मुस्लिम देशों का समर्थन

एक अरब अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि हमारी समझ है कि ट्रंप युद्ध समाप्त करने और फिर उसे आगे बढ़ाने की अमेरिकी योजना पर हमारी प्रतिक्रिया और समर्थन प्राप्त करना चाहते हैं। इस बीच अरब और अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यह एक अमेरिकी योजना होगी, न कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से पेश की जाने वाली एक इजरायली योजना।

इजरायल को किस बात का डर?

इजरायली अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू को योजना की रूपरेखा के बारे में जानकारी है, लेकिन कुछ ऐसे पहलू होंगे जो इजरायली सरकार को पसंद नहीं आएंगे। यह गाजा में फिलिस्तीनी प्राधिकरण की भविष्य की भागीदारी के संबंध में खासतौर पर हो सकता है। इजरायली अधिकारी ने Axios से कहा, 'हमें कड़वी गोलियां खानी पड़ेंगी।'

मंगलवार की बहुपक्षीय बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे दुनिया भर में अमेरिकी ताकत के नवीनीकरण पर बात करेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप महासभा में अपने संबोधन में गाजा प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे या नहीं।
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