नई दिल्ली: लगातार दो फाइनल हारने के बाद अब भारतीय टीम नए आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल में नए जोश के साथ उतरने के लिए तैयार है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 अगस्त से शुरू हो रहे टेस्ट मैच के साथ जिसकी शुरुआत भी हो जाएगी। बीसीसीआई ने दो टेस्ट की सीरीज के लिए 15 सदस्यीय स्क्वॉड कैरेबियाई आइलैंड भेजा है। इस आर्टिकल में हम आपको आगामी श्रृंखला के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल ऐसे दो खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें शायद दोनों ही मुकाबले बेंच पर बैठे-बैठे गुजारने पड़े। प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का सपना, सपना ही रह जाए।
शानदार फॉर्म में चल रहे रुतुराज गायकवाड़ पिछले कुछ साल से गजब का खेल दिखा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद आईपीएल में भी वह सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप हथिया ले रहे थे। टी-20 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद जब चयनकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट टीम में जगह दी तो हर कोई हैरान रह गया क्योंकि उन्हें खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट से नजरअंदाज कर दिया गया है। टीम इंडिया में पहली बार शामिल किए गए यशस्वी जायसवाल के रहते यह संभावना कम ही है कि गायकवाड़ को खेलने का मौका मिले। कप्तान रोहित शर्मा के साथ यशस्वी जायसवाल ओपनिंग करेंगे तो शुभमन गिल तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर सकते हैं।
2) नवदीप सैनी
एक और खिलाड़ी जिसे आश्चर्यजनक रूप से वेस्टइंडीज दौरे के लिए टेस्ट टीम में जगह मिली, वह हैं तेज गेंदबाज नवदीप सैनी। टीम इंडिया से लंबे समय से बाहर चल रहे नवदीप सैनी काउंटी खेलने इंग्लैंड गए थे, जब बीसीसीआई ने उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर हर किसी को हैरान कर दिया। खुद सैनी भी अपना नाम आने से आश्चर्यचकित होंगे। स्क्वॉड तक तो ठीक है, लेकिन प्लेइंग इलेवन के लिए सैनी को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि मोहम्मद सिराज संभवतः तेज आक्रमण का नेतृत्व करेंगे। शार्दुल ठाकुर सैनी को पछाड़ सकते हैं क्योंकि वह बेहतर बल्लेबाजी कर सकते हैं, जबकि जयदेव उनादकट अपने बाएं हाथ की गति में बदलाव के कारण टीम में जगह बना सकते हैं।
एक और खिलाड़ी जिसे आश्चर्यजनक रूप से वेस्टइंडीज दौरे के लिए टेस्ट टीम में जगह मिली, वह हैं तेज गेंदबाज नवदीप सैनी। टीम इंडिया से लंबे समय से बाहर चल रहे नवदीप सैनी काउंटी खेलने इंग्लैंड गए थे, जब बीसीसीआई ने उन्हें टेस्ट टीम में शामिल कर हर किसी को हैरान कर दिया। खुद सैनी भी अपना नाम आने से आश्चर्यचकित होंगे। स्क्वॉड तक तो ठीक है, लेकिन प्लेइंग इलेवन के लिए सैनी को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि मोहम्मद सिराज संभवतः तेज आक्रमण का नेतृत्व करेंगे। शार्दुल ठाकुर सैनी को पछाड़ सकते हैं क्योंकि वह बेहतर बल्लेबाजी कर सकते हैं, जबकि जयदेव उनादकट अपने बाएं हाथ की गति में बदलाव के कारण टीम में जगह बना सकते हैं।











