केएल राहुल की कामयाबी का नुस्खा
भारत के लिए 13 टेस्ट और 125 वनडे खेलने वाले मोहम्मद कैफ ने ट्विटर पर लिखा, 'नंबर-5 पर केएल की सफलता का नुस्खा: सबसे पहले अच्छी गेंदों का सम्मान, साझेदारी बनाना, आक्रमण के लिए सही गेंदबाज चुनना और अंत में सबसे उपयुक्त शॉट खेलें। केएल, फिनिशर।
भारत के लिए 13 टेस्ट और 125 वनडे खेलने वाले मोहम्मद कैफ ने ट्विटर पर लिखा, 'नंबर-5 पर केएल की सफलता का नुस्खा: सबसे पहले अच्छी गेंदों का सम्मान, साझेदारी बनाना, आक्रमण के लिए सही गेंदबाज चुनना और अंत में सबसे उपयुक्त शॉट खेलें। केएल, फिनिशर।
नंबर 5 पर शानदार रिकॉर्ड
वनडे इंटरनेशनल में केएल राहुल ने वैसे तो सभी पोजिशन में बल्लेबाजी की है, लेकिन नंबर -5 पर उनके आंकड़े अद्भुत हैं। इस पोजिशन पर उन्होंने 21 पारियों में 904 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 56.50 है, जो उनके करियर के एवरेज 49.75 से काफी बेहतर हैं। केएल राहुल ने इस दौरान आठ अर्धशतक और एक शतक बनाया है। यानी वह मिडिल ऑर्डर की जान हैं।
वनडे इंटरनेशनल में केएल राहुल ने वैसे तो सभी पोजिशन में बल्लेबाजी की है, लेकिन नंबर -5 पर उनके आंकड़े अद्भुत हैं। इस पोजिशन पर उन्होंने 21 पारियों में 904 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 56.50 है, जो उनके करियर के एवरेज 49.75 से काफी बेहतर हैं। केएल राहुल ने इस दौरान आठ अर्धशतक और एक शतक बनाया है। यानी वह मिडिल ऑर्डर की जान हैं।
40 साल बाद घटी अनहोनी
भारत ने विश्व कप 2023 की शुरुआत जीत से जरूर की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने शुरुआती दो ओवर में ही तीन झटके देकर टेंशन में डाल दिया था। ईशान किशन, रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। आईसीसी के किसी इवेंट में ऐसा दूसरी बार हुआ, जब भारत के दोनों ओपनर्स अपना खाता खोलने में नाकाम रहे, इससे पहले 1983 वर्ल्ड कप में जिंबाब्वे के खिलाफ ऐसा हुआ था। जबकि वनडे इंटरनेशनल में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी वनडे इंटरनेशनल में भारत के टॉप-फोर बल्लेबाजों में से तीन अपना खाता खोलने में नाकाम रहे। टेस्ट में टीम इंडिया के साथ ऐसा दो बार हो चुका है।
भारत ने विश्व कप 2023 की शुरुआत जीत से जरूर की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने शुरुआती दो ओवर में ही तीन झटके देकर टेंशन में डाल दिया था। ईशान किशन, रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। आईसीसी के किसी इवेंट में ऐसा दूसरी बार हुआ, जब भारत के दोनों ओपनर्स अपना खाता खोलने में नाकाम रहे, इससे पहले 1983 वर्ल्ड कप में जिंबाब्वे के खिलाफ ऐसा हुआ था। जबकि वनडे इंटरनेशनल में ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी वनडे इंटरनेशनल में भारत के टॉप-फोर बल्लेबाजों में से तीन अपना खाता खोलने में नाकाम रहे। टेस्ट में टीम इंडिया के साथ ऐसा दो बार हो चुका है।











