कुछ इस तरह कपड़े चेंज कर पाते हैं पुलिस वाले
आलम यह है कि पुलिस वालों के पास ड्रेसअप होने तक की जगह नहीं बची है। पुलिस वाले ड्यूटी से पहले जैसे तैसे बेड पर खड़े होकर ड्रेसअप होते हैं। उन्हें डर लगा रहता है कि अगर गलती से खूंटी पर टंगी उनकी ड्रेस गलती से नीचे गिर गई तो अगले दिन वक क्या पहनेंगे।
बीमार पड़ सकते हैं पुलिसकर्मी
पिछले 24 घंटे में हुए मूसलाधार बारिश की वजह से नगर निगम के अधिकांश वार्ड, अस्पताल, सरकारी दफ्तर, मुख्य सड़क के साथ-साथ शहर के बीचों बीच स्थित सहायक बेता थाना में पानी भर गया है। हर वक्त जनता की सेवा में तत्पर रहने वाले पुलिस कर्मियों का थाना के अंदर जाना और वहां से बाहर जाना दूभर हो गया है। थाना परिसर में घुटने से ऊपर तक पानी है। वहीं पानी ने थाना के अंदर थाना प्रभारी कक्ष, कार्यालय हो या फिर पुलिस बैरक सभी जगह घुस गया है और इसी गंदे पानी के बीच सभी रहने को विवश है। हालत ऐसी है कि कभी भी पुलिसकर्मी बीमार भी हो सकते हैं।
डूब गई सारी गाड़ियां
थाने में रखी गाड़ियां पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। इन गाड़ियों में ज्यादातर जब्त वाहन हैं। पानी में डूबे होने के चलते गाड़ियों के जंग लग रहे हैं। उनके साइलेंसर और ईंजन भी पानी की वजह से बर्बाद हो रहे हैं।
गंदे पानी के बीच आने-जाने को हैं विवश
वहीं सहायक थाना बेता के अंदर बने बैरेक में रह रहे कर्मियों का कहना है कि बैरेक के अंदर पानी आ जाने से काफी मुसीबत का सामना हो रहा है। इस गंदे पानी मे हमेशा सांप-कीड़े का डर बना रहता है। वहीं उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या खाने-पीने में हो गया है। दिन में तो कहीं जाकर खाना खा लेते हैं। लेकिन रात में बेड पर चूल्हा रखकर खाना बनाकर खाते हैं। क्या करे मजबूरी है। नहीं ऐसा करेंगे तो ड्यूटी कैसे कर पाएंगे। इसी गंदे पानी के बीच होकर आना-जाना पड़ता है।
आर्म्स को भी पानी से बचाना है
पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनके सामने अपने आर्म्स की रक्षा करना भी चुनौती हो गया है। आर्म्स को हमेशा पानी से बचाकर रखना होता है। डर लगा रहता है कि गंदे पानी के संपर्क में आने से आर्म्स में जंग लग जाएंगे, इससे उन्हें परेशानी हो सकती है।











