पीड़ित 22 वर्षीय दोस्त ने अपने साथी के खिलाफ कौशांबी में मामला दर्ज कराया। उसने अपने कथित पति, उसके पिता और चाचा के खिलाफ धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत शिकायत दर्ज कराई है। कौशांबी पुलिस पर आईपीसी और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी) के तहत उस पर हमला करने, पैसे छीनने और जातिवादी टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया गया है। मझियाराय चक के रहने वाले पीड़ित ने कहा कि उसे 2016 में जिले के हिशामबाद इलाके के एक अन्य व्यक्ति से प्यार हो गया थ। आरोपी ने उस पर लिंग परिवर्तन ऑपरेशन कराने के लिए दबाव डाला। लिंग परिवर्तन के बाद करीब दो साल पहले एक स्थानीय मंदिर में दोनों ने शादी कर ली।
एसपी ने दी जानकारी
कौशांबी के एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ऑपरेशन के जरिए अपना लिंग बदलने के बाद वे पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। आरोपी ने पीड़िता से वादा किया कि वह सामाजिक और पारिवारिक दबाव के बावजूद उसे कभी नहीं छोड़ेगा। आरोपी ने पीड़ित की उपेक्षा करना शुरू कर दिया। बाद में लगभग 2-3 महीने पहले उसे छोड़ दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 'पति' अब उसका फोन भी नहीं उठा रहा है। आरोपी के पिता और चाचा ने मुझे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
लिंग परिवर्तन के लिए कराई सर्जरी
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मैंने 8 लाख रुपए की लागत से लिंग परिवर्तन सर्जरी कराई। इसके अलावा उन्होंने मुझसे 6 लाख रुपए भी ले लिए। यह पैसे मैने मैंने गीत गाकर और नृत्य के माध्यम से कमाए थे। एसपी ने कहा कि आरोपी के परिवार के सदस्यों ने कहा कि पीड़िता एक ट्रांसजेंडर थी। उसने कभी भी लिंग परिवर्तन सर्जरी नहीं कराई। जब पुलिस ने पीड़ित से उस अस्पताल का विवरण मांगा, जहां उसने लिंग परिवर्तन ऑपरेशन कराया था, तो वह विवरण नहीं दे सका। बहाने बनाता रहा। आगे की जांच जारी है।











