क्या काम करती है कंपनी?
एमटार टेक्नोलॉजीज का मेन बिजनेस डिफेंस और क्लीन एनर्जी में है। इसी के साथ कंपनी सिविलियन न्यूक्लियर पावर, स्पेस, एयरोस्पेस, समुद्री, बॉल स्क्रू और रोलर स्क्रू आदि सेगमेंट में कंपनी काम करती है। चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग में इस कंपनी ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमटार टेक ने लैंडर के प्रॉपल्सन सिस्टम के कलपुर्जे व रोवर नेविगेशन सिस्टम मुहैया कराए थे। इसी वजह से एमटार टेक्नोलॉजीज के शेयरों में काफी उछाल आई थी। कंपनी की क्लाइंट लिस्ट भी काफी लंबी है। इसरो, एचएएल, भारत डायनामिक, टाटा, डीआरडीओ, राफेल, बालाजी अमाइंस जैसे बड़े ऑर्गेनाइजेशन इसके क्लाइंट हैं।यह है गिरावट का कारण
दरअसल, दूसरी तिमाही में कंपनी ने बेहतर रिजल्ट नहीं दिखाए। कंपनी के मार्जिन पर दबाव होने की वजह से कंपनी का प्रॉफिट भी काफी गिरा। दूसरी तिमाही में प्रॉफिट 20.5 करोड़ आया, जो पिछले साल की तुलना में 24.7 करोड़ से 17 प्रतिशत कम रहा। साथ ही कंपनी ने एनअुल गाइडेंस को भी कट किया। कंपनी का मानना है कि FY 24 में 670– 700 करोड़ का रिवेन्यू रह सकता है, जो पिछले अनुमान से काफी कम है। पहले कंपनी ने 830– 860 के आसपास का अनुमान जताया था। वहीं, EBITDA गाइडेंस भी पिछले 28 प्रतिशत से घटाकर करीब 26 प्रतिशत कर दिया गया है। मैनेजमेंट के बयान के बाद से शेयर काफी टूटे। हालांकि, पिछले एक हफ्ते से शेयर 2200 के ऊपर ही स्थिर हैं।











