उसने एशिया कप के सुपर-4 में जगह बना ली है। इस तरह से उसका 21 सितंबर को भारत से भिड़ंत का रास्ता भी साफ हो गया है। मैच के बाद पाकिस्तानी पेसर हारिस रऊफ ने बड़ा बयान दिया। जब उनसे ऑफ द फील्ड ड्रामे, खासकर एशिया कप के बहिष्कार, को लेकर पूछा गया कि क्या इससे उनकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ा तो उन्होंने खुलकर जवाब दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रऊफ ने कहा- मुझे कोई दबाव महसूस नहीं हो रहा था। यह मेरे कंट्रोल में नहीं है। ये बोर्ड के फैसले हैं। यह उनका सिरदर्द है। मेरे लिए मुझे मैच खेलना था और उसी पर मेरा फोकस था। मैनेजमेंट ने चीजों को बहुत अच्छी तरह से संभाला है।
पाकिस्तान टीम ने यूएई को आसानी से हरा दिया, लेकिन उसकी बैटिंग अभी भी ट्रैक पर नहीं है। सैम अयूब फिर बिना खाता खोले आउट हुए तो फखर जमां ने ही 30 से अधिक का स्कोर किया। हारिस से पूछा गया कि क्या यह पाकिस्तानी टीम 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम की बराबरी कर पाएगी, लेकिन इस तेज गेंदबाज ने तुरंत जवाब दिया कि टीम चयन या संभावित बदलावों के बारे में बात करना उनका काम नहीं है।











