दूसरी तरफ, अब आरोपी दुकानदार की पत्नी ने भी विकासनगर कोतवाली में तहरीर देकर कश्मीरी युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने दावा किया कि कश्मीरी युवकों ने उन्हें अभद्र इशारे किए, हाथ पकड़ा और अपनी ओर खींचने की कोशिश की।
क्या है दुकानदार की पत्नी का आरोप
शुक्रवार को दुकानदार संजय यादव की पत्नी ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि वह अपने पति के साथ विकासनगर बाजार में दुकान चलाती है। घटना के दिन जम्मू-कश्मीर निवासी दोनों युवक उनकी दुकान पर आए। कुछ समान खरीदने के बहाने उन्होंने अभद्र इशारे किए और विरोध करने पर भी हाथ पकड़कर खींचने लगे। इसी बीच उसके पति ने युवकों को रोकने की कोशिश की, जिससे विवाद बढ़ गया।वहीं मीडिया से बातचीत में महिला ने कश्मीरी युवकों की इस बात को सिरे से नकार दिया कि पहले उनकी जाति या धर्म पूछा। महिला ने कहा, हम 30-32 सालों से दुकान चला रहे हैं लेकिन कभी इससे पहले ऐसा नहीं हुआ। हम दुकानदारी करने बैठे हैं, क्या हम सब लोगों से पहले आप हिंदू हो या मुसलमान पूछकर समान देंगे।पीड़ित युवकों का पक्ष
यह घटना 28 जनवरी को विकासनगर के डाकपत्थर रोड स्थित दुकान पर हुई थी। जब कश्मीरी युवक दानिश और ताविश नमकीन खरीदने गए थे। पीड़ित दानिश ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके पिता हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में किराए पर रहते हैं और फेरी लगाते हैं। दोनों भाई छुट्टियों में पिता की मदद के लिए आए थे और शाल-सूट बेच रहे थे।दानिश ने आरोप लगाया कि दुकानदार ने पहले उनका नाम और पता पूछा, कश्मीरी होने पर जातिसूचक गालियां दीं। विरोध करने पर दुकानदार और दो अज्ञात व्यक्तियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। दोनों भाइयों को चोटें आईं, जिसमें छोटे भाई को सिर पर गंभीर चोट और हाथ में फ्रैक्चर हुआ।
इस आधार पर विकासनगर बाजार पुलिस चौकी प्रभारी मयंक त्यागी ने दुकानदार संजय यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।











