20 जुलाई को चंद्रयान-3 ने अपना चौथा ऑर्बिट मैन्यूवर पूरा किया। इसके बाद जर्मनी स्थित अमेचर (शौकिया) रेडियो सैटेलाइट संगठन AMSAT-DL ने जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी होराइजन्स डेटा का उपयोग करके अंतरिक्ष यान को ट्रैक किया। स्कॉट टिली जो खुद को एक शौकिया खगोलशास्त्री बताते हैं का कहना है कि वह चंद्रयान को ट्रैक कर रहे हैं। 2018 में वह स्टारलिंक के ZUMA सैटेलाइट को डॉपलर शिफ्ट डेटा का इस्तेमाल करके ट्रैक कर रहे थे। बाद में उन्होंने एक अन्य चीज को भी देखा।
चंद्रयान-3 पर नजर गड़ाए हुए है दुनिया, चांद की ओर बढ़ रहा भारत का स्पेसक्राफ्ट, ऐसे किया जा रहा ट्रैक
वॉशिंगटन: भारत का चंद्रयान-3 स्पेसक्राफ्ट चांद के अपने मिशन पर है। अभी तक चंद्रयान अपनी स्पीड को बढ़ाने के लिए पृथ्वी का चक्कर लगा रहा था। लेकिन अब यह चांद के अपने रास्ते पर सीधे जा रहा है। स्पेस से जुड़ी घटनाओं पर नजर रखने वाले लोग चंद्रयान-3 को ट्रैक कर रहे हैं। अंतरिक्ष यान अब 1 अगस्त को ट्रांसलूनर इंजेक्शन से गुजरने के लिए पूरी तरह तैयार है। लैंडर और रोवर के 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है। वहीं, प्रपल्शन मॉड्यूल कम्युनिकेशन रिले के लिए चंद्रमा की कक्षा में रहेगा और पृथ्वी पर वापस डेटा भेजेगा।











