नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में बतागया है कि छापेमारी के दौरान दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। 9 से 10 कर्मी फरार बताए जा रहे हैं। अभी तक गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारियों की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।
बांग्लादेश एयर फोर्स का गुप्त अभियान
ढाका स्थित बांग्लादेश एयर फोर्स के मुख्यालय ने छापों और उसके बाद हुई गिरफ्तारियों और हिरासत में लिए जाने की घटनाओं को स्वीकार नहीं किया है। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि एयर फोर्स के अधिकारियों और रैंकों के बीच पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से लिंक की जांच की जा रही है। खास बात ये है कि छापे उस समय भी जारी रहे, जब बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान मलेशिया के आधिकारिक दौरे पर थे।पाकिस्तान भागकर पहुंचे फरार एयरमैन
बांग्लादेश की वायु सेना के फरार होने वाले कर्मियों में चार एयरमैन भी शामिल है। इनके बारे में कहा जा रहा है कि वे छापेमारी से काफी पहले ही वे पाकिस्तान, पुर्तगाल, तुर्की और न्यूजीलैंड भाग गए थे। ऐसी जानकारी है कि बांग्लादेश आर्मी के दो अधिकारियों को भी हिरासत में लिया गया है। हालांकि, उनकी पहचान को बेहद गोपनीय रखा गया है।रिपोर्टों से पता चलता है कि छापेमार एक सप्ताह से अधिक समय तक चली और कम से कम तीन एयरबेस तक फैली हुई थी। छापेमारी के तुरंत बाद वायु सेना मुख्यालय ने इन ठिकानों पर तैनात सभी सिविल अधिकारियों के छुट्टी के आवेदनों को निलंबित कर दिया। बांग्लादेश एयर फोर्स की खुफिया शाखा के अधिकारियों को शक है कि जांच के दायरे में आए अधिकारी और अन्य रैंक के कर्मी टीटीपी से जुड़े पाए गए हैं।बांग्लादेश एयर फोर्स ने कुछ समय पहले अपनी सुरक्षा सलाह में वायु सेना कर्मियों और टीटीपी के बीच कथित संबंधों की ओर इशारा किया था। नॉर्थ ईस्ट न्यूज ने बांग्लादेश एयर फोर्स के सूत्रों के हवाले से बताया है कि और भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। रिपोर्टों से पता चलता है कि बांग्लादेश एयर फोर्स के जूनियर कमीशन अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे सभी लीडिंग एयरक्राफ्टमैन (LACs) और अधीनस्थ रैंक फोन जब्त कर लें और 3 बजे तक रक्षा शाखा मुख्यालय में जमा करा दें।











