58 वर्षीय रहमान ने कहा, शारीरिक रूप से भले मैं ब्रिटेन में हूं, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से मैं पिछले 17 साल से बांग्लादेश में हूं। उन्होंने आगे कहा, 'देश में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे समय में मैं कैसे दूर रह सकता हूं। चुनाव के दौरान, मैं लोगों के साथ और उनके बीच रहूंगा।' रहमान ने यह भी बताया कि वह इस बार खुद चुनाव लड़ेंगे।
बांग्लादेश लौटने का समय आ गया... खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की 17 साल बाद होगी घर वापसी, किया ऐलान
ढाका: बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने जल्द ही देश वापसी की घोषणा की है। 17 साल से स्व-निर्वासन में रह रहे रहमान ने बीबीसी बांग्लादेश को दिए एक इंटरव्यू में इसकी पुष्टि की है। रहमान ने सोमवार को कहा, 'कुछ वाजिब कारणों से मेरी वापसी नहीं हो पाई है लेकिन समय आ गया है और मैं जल्द ही लौटूंगा।' बीएनपी नेता ने फरवरी में होने वाले आम चुनाव के दौरान अपनी मौजूदगी की पुष्टि की। उन्होंने कहा, 'मैं जल्द ही वापस आऊंगा और चुनाव के दौरान लोगों के बीच रहूंगा।'
58 वर्षीय रहमान ने कहा, शारीरिक रूप से भले मैं ब्रिटेन में हूं, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से मैं पिछले 17 साल से बांग्लादेश में हूं। उन्होंने आगे कहा, 'देश में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे समय में मैं कैसे दूर रह सकता हूं। चुनाव के दौरान, मैं लोगों के साथ और उनके बीच रहूंगा।' रहमान ने यह भी बताया कि वह इस बार खुद चुनाव लड़ेंगे।पीएम बनने की रेस में रहमान
फरवरी में होने वाले चुनाव में बीएनपी को सबसे आगे माना जा रहा है और अगर पार्टी जीतती है तो रहमान के देश का नेतृत्व करने की संभावना है। जब उनसे प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछा गया तो रहमान ने कहा, इसका फैसला जनता करेगी। तारिक रहमान को 2008 में तत्कालीन सेना समर्थित कार्यवाहक सरकार ने इलाज के लिए लंदन भेज दिया था। उन पर भ्रष्टाचार और कई आपराधिक मामले चल रहे थे। इनमें से एक मामला साल 2004 में तत्कालीन विपक्षी नेता शेख हसीना पर ग्रेनेड हमले से जुड़ा था। रहमान पर इसकी साजिश रचने का आरोप लगाया गया था
इसके बाद से वह लंदन में ही रह रहे हैं। उनकी मां और बीएनपी की प्रमुख खालिदा 80 वर्ष की हो चुकी हैं और खराब स्वास्थ्य के कारण सक्रिय राजनीति से काफी हद तक दूर हो गई हैं। रहमान की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब बांग्लादेश राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कभी प्रभावशाली रही शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है। इसके चलते बीएनपी खुद को चुनाव की रेस में सबसे आगे देख रही है।
58 वर्षीय रहमान ने कहा, शारीरिक रूप से भले मैं ब्रिटेन में हूं, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से मैं पिछले 17 साल से बांग्लादेश में हूं। उन्होंने आगे कहा, 'देश में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे समय में मैं कैसे दूर रह सकता हूं। चुनाव के दौरान, मैं लोगों के साथ और उनके बीच रहूंगा।' रहमान ने यह भी बताया कि वह इस बार खुद चुनाव लड़ेंगे।











