BJP विधायक को सजा दिलाने वाले पिता का संघर्ष 4 बीघा जमीन बिकी, 20 लाख कर्ज हुआ, मगर ठान लिया था- सजा दिलाऊंगा चाहे मिट जाऊं

BJP विधायक को सजा दिलाने वाले पिता का संघर्ष  4 बीघा जमीन बिकी, 20 लाख कर्ज हुआ, मगर ठान लिया था- सजा दिलाऊंगा चाहे मिट जाऊं

साल 2014 में सोनभद्र में रहने वाली 15 साल की गुड़िया (बदला हुआ नाम) के साथ बीजेपी विधायक रामदुलार गोंड ने रेप किया। रामदुलार ने गुड़िया के साथ 6 बार दरिंदगी की। तब वह विधायक नहीं था, मगर उसका क्षेत्र में दबदबा था।

कोई उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं रखता था। विधायक के इस गंदे काम से गुड़िया गर्भवती हुई, तो विधायक ने बच्चे को मारने का भी पूरा प्रयास किया, मगर सफल नहीं हुआ। विधायक को 9 साल बाद इस काले काम की सजा मिली।

कोर्ट ने 25 साल की सजा और 10 लाख का जुर्माना लगाया जो पीड़िता को मिलेगा। विधायक को जेल के पीछे पहुंचाने में पीड़िता गुड़िया के भाई और पिता का बहुत बड़ा संघर्ष है। जो 9 साल से वो दोनों लड़ रहे थे। जब 15 दिसंबर को बेटी को न्याय मिला, तो दोनों गले लगकर रोने लगे। फोन कर बेटी को खुशखबरी सुनाते समय उनकी आंखें नम हो गई। सजा होने की बात सुनकर पीड़िता भी भावुक हो गई।

लेकिन पहले पढ़िए पूरा मामला...

नाबालिग से रेप की FIR 4 नवंबर 2014 को दर्ज हुई थी। म्योरपुर गांव में नाबालिग लड़की से रामदुलार गोंड ने रेप किया था। उस समय रामदुलार गोंड प्रधानपति थे। पीड़ित पक्ष के वकील विकास शाक्य के मुताबिक, पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि रामदुलार उसके साथ करीब एक साल से रेप कर रहा था। उसने 6 बार उसके साथ जबर्दस्ती की।

4 नवंबर 2014 को भी जब पीड़ित अपने खेत जा रही थी, उस वक्त रामदुलार ने उसके साथ दरिंदगी करनी चाही। लेकिन पीड़ित ने हिम्मत दिखाई और उसके चंगुल से छूट कर अपने भाई के पास पहुंच गई। भाई को पूरा मामला बताया। भाई ने म्योरपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी।

पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि वह (रामदुलार) पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। इसलिए वह दरिंदगी सहती रही। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। बाद में एक बच्ची का जन्म हुआ। रामदुलार पर पॉक्सो और रेप का केस दर्ज किया था। जांच के दौरान मिले सबूत के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।

वहीं, 15 दिसंबर को विधायक को सजा सुनाई गई। जज ने विधायक को सजा सुनाते हुए कहा, आप लोग समाज के प्रतिनिधि होते हैं। जनता आपको चुन कर इसलिए लाती है, जिससे आप उनकी रक्षा कर सकें। मगर यहां तो आप ही उनके भक्षक बने हुए हैं। आपका कृत्य बहुत ही गंदा है। ऐसा कृत्य करके आपने समाज को बहुत गंदा संदेश दिया है। इसकी कठोर सजा आपको मिलेगी।

अब पढ़िए पिता-बेटे की इंसाफ के लिए लड़ी गई संघर्ष की कहानी...

गुड़िया के पिता बताते हैं, ''हमारे लिए ये 9 साल बहुत कठिन थे। बेटी की इज्जत चली गई थी, इस बोझ के साथ जीना आसान नहीं था। मगर जो गलत काम मेरी बेटी ने किया ही नहीं था, उसकी सजा मैं उसको क्यों देता?

मैंने हमेशा उसका साथ दिया, गांव वाले-रिश्तेदार बहुत ही उल्टी-सीधी बातें बोलते थे। कहते थे, जो लड़ाई लड़ रहे हो उसमें जीत नहीं पाओगे। हमारे जैसे लोगों को इंसाफ नहीं मिलता है। उसके पास पावर-पैसा सब है और हमारे पास कुछ नहीं। कैसे उसके सामने खड़े हो पाओगे? मगर फिर भी हम पीछे नहीं हटे।

''9 साल के बाद अब हम लोग चैन की नींद सो पाएंगे''
एक समय तो ऐसा था जब हमारी बेटी घर से निकलने में भी डरती थी, मगर हमने उसको हिम्मत बांधी। हम उसको स्कूल-घूमने सब जगह भेजते थे। जब हमने पुलिस से विधायक की शिकायत की थी, तो पुलिसवाले भी हम पर हंस रहे थे। मगर आज सब शांत हैं, अब कोई हम पर नहीं हंस रहा है।

9 साल के बाद अब हम लोग चैन की नींद सो पाएंगे। मेरी बेटी के साथ जो काम हुआ मैं नहीं चाहता था, वो किसी और के साथ भी हो, मैंने कसम खाई थी चाहे खुद मिट जाऊं। मगर विधायक को सजा जरूर दिलाऊंगा। आज मेरे ऊपर 20 लाख का कर्ज है, 4 बीघा जमीन बिक गई है, लेकिन फिर भी मुझे सुकून है। कम से कम ये विधायक अब किसी और बच्ची के साथ तो ऐसा गलत काम नहीं कर पाएगा।

अब पढ़िए लड़की के भाई ने क्या कहा?

''बहन बताती थी, विधायक गाड़ी से कहीं दूर ले जाता..फिर गंदा काम करता था''
गुड़िया के भाई ने बताया, ''विधायक का घर मेरे घर से 100 मीटर की दूरी पर था। वो मेरी बहन के साथ साल 2013 से गंदा काम कर रहा था। बहन जब परेशान हो गई, तब उसने नवंबर, 2014 में हम लोगों को ये सब बताया। मेरी बहन ने मुझे बताया था, विधायक अपने साथियों से उसे किसी न किसी काम के बहाने बुलाता है। फिर गाड़ी से कहीं दूर ले जाता है।

इसके बाद गंदा काम करता है और वापस घर छुड़वा देता है। विधायक मेरी बहन को हमेशा धमकाता था। किसी को बताने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देता था। मेरी मासूम बहन से कहता था, तेरे भाई-बाप को मरवा दूंगा। तुझको अपने पास रख लूंगा। मेरी बहन काफी समय से उसको मना कर रही थी। वो साथ जाने से भी मना करती थी, लेकिन वो हमेशा मेरी मासूम बहन को धमका कर बुला लेता था।

''हमने बहन की शादी के लिए ढाई लाख रुपए दिए थे''
''विधायक की काली करतूत से मेरी बहन प्रेग्नेंट हो चुकी थी। ये बात हमें केस दर्ज करवाने के 4-5 महीन बाद पता चली। तब हम बच्चा गिरवा नहीं सकते थे, मगर विधायक ने बच्चे को मारने की पूरी कोशिश की। हमने बहन की जान बचाने के लिए उसको गांव से बाहर भेज दिया।

इसी बीच हम लोग अपनी बहन के लिए शादी के लिए लड़का भी देखने लगे। रिश्तेदारों के जरिए हमें एक लड़के के बारे में जानकारी मिली। हमने उस लड़के से मिलकर सारी सच्चाई बता दी। इसके साथ ही ये भी कहा, कोई जबरदस्ती नहीं है..जो कुछ भी हुआ है, उसमें मेरी बहन की गलती नहीं है। सही लगे तो शादी कर लें नहीं तो रहने दें।

वो लड़का बहन से शादी करने के लिए तो तैयार हो गया। मगर उसने इसके बदले में ढाई लाख रुपए लिए। उस समय बहन के लिए हमने पैसे दे दिए।''

''हमें बहुत धमकाया गया लेकिन हम लड़ते रहे''
भाई ने बताया, ''केस दर्ज करवाने से लेकर कोर्ट तक मामला आने में हमें केस वापस लेने के लिए बहुत धमकाया गया। हमारे साथ मारपीट हुई। घर से बिजली की लाइन हटा दी गई। यहां तक गांव के लोगों को हमसे बात करने के लिए मना कर दिया गया। गांव में कोई भी दुकानदार हमें सामान नहीं देता था।

हमारे साथ चलते-फिरते गाली-गलौज किया जाता था। उसके बाद जब मामला कोर्ट पहुंच गया, तो जान से मारने की कोशिश तक की गई। मगर फिर भी हम लड़ते रहे और आज जीत कर आए हैं।''

    Advertisement