आ गया मुकेश अंबानी के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड, जानिए किसने मारी बाजी और कौन रह गया पीछे

आ गया मुकेश अंबानी के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड, जानिए किसने मारी बाजी और कौन रह गया पीछे
मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के जून तिमाही के नतीजे आ गए हैं। अंबानी अपने बिजनस (Mukesh Ambani Business) को अपने तीनों बच्चों में बांट चुके हैं। उन्होंने बड़े बेटे आकाश अंबानी (Akash Ambani) को टेलिकॉम बिजनस (Reliance Telecom Business) की कमान दी गई है जबकि रिटेल बिजनस बेटी ईशा अंबानी (Isha Ambani) को सौंपा गया है। छोटे बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) को ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स बिजनस (Reliance Petrochemical Business) दिया गया है। आइए जानते हैं कि रिलायंस के किस बिजनस ने जून तिमाही में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया है।

आकाश अंबानी-टेलिकॉम

रिलायंस की टेलिकॉम कंपनी जियो (Reliance Jio) का जून तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 12 फीसदी बढ़कर 4,863 करोड़ रुपये रहा। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 10 फीसदी बढ़कर 24,042 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन यह उम्मीदों को मुताबिक नहीं है। रिलायंस जियो का यह छह तिमाहियों में सबसे सुस्त प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ है। ज्यादा खर्च और हाल में टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कंपनी का प्रॉफिट और रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। पहली तिमाही में रिलायंस जियो का कुल खर्च बढ़कर 17,594 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले 16,136 करोड़ रुपये था। इसमें नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्च पहले के 6,842 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,379 करोड़ रुपये रहा। जियो सब्सक्राइबर्स के लिहाज से देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। इसका मार्केट शेयर 37.9 परसेंट है। अप्रैल में कंपनी ने रिलायंस ने 30.4 लाख सब्सक्राइबर्स जोड़े।

​रिलायंस रिटेल-ईशा अंबानी

रिलायंस रिटेल (Reliance Retail Business) का प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 18.8 परसेंट उछलकर 2,448 परसेंट रहा। इस दौरान कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 19 परसेंट की तेजी के साथ 69,948 करोड़ रुपये पहुंच गया जो पिछले साल समान तिमाही में 58,554 करोड़ रुपये था। रिलायंस रिटेल ने तेज गति से अपनी बढ़ोतरी बरकरार रखते हुए इस तिमाही में 555 नए स्टोर खोले। इस तरह अब रिलायंस रिटेल के कुल 18,446 स्टोर हो गए हैं और इसने अपने ऑपरेटेड एरिया 7.06 करोड़ स्कवेयर फीट में 50 लाख स्कवेयर फीट और जोड़ लिए हैं। रिलायंस रिटेल ने एक तिमाही के लिए अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2 करोड़ 49 लाख का फुटफॉल दर्ज किया। डिजिटल कॉमर्स और न्यू कॉमर्स व्यवसायों में बढ़ोतरी हुई है और राजस्व में इन्होंने 18% जोड़ा है।

​ओ2सी-अनंत अंबानी

वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में 31% की गिरावट के कारण O2C राजस्व में तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके कारण रिलायंस का कंसोलिडेटिड राजस्व ₹2,31,132 करोड़ दर्ज किया गया जो पिछले साल के मुकाबले 4.7% कम है। ओ2सी बिजनस के कमजोर प्रदर्शन के कारण कंपनी का रेवेन्यू गिरा है। रिलायंस के O2C सेगमेंट में इस तिमाही के राजस्व में 7.7% की गिरावट दर्ज कर ₹133,031 करोड़ तक पहुंच गया। ऐसा क्रूड ऑइल के दामों के गिरने और डाउनसट्रीम उत्पादों से कम आय के होने के कारण हुआ। FY2023-24 O2C सेगमेंट का तिमाही का EBITDA ₹15,271 करोड़ रहा, जो 23.2% कम रहा। ऐसा ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक और लोअर डाउनस्ट्रीम केमिकल मार्जिन के कम होने के कारण हुआ।

रिजल्ट पर क्या कहना है मुकेश अंबानी का

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी का कहना है “इस तिमाही में रिलायंस का मज़बूत परिचालन और व्यावसायिक प्रदर्शन दिखाता है कि हमारे विभिन्न व्यवसायों में हम औद्योगिक और उपभोक्ता सेगमेंट की मांगों को पूरा करते हुए दमदार तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
जियो के कई किफ़ायती ऑफ़र हैं जिसके कारण उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ये जियो के वित्तीय प्रदर्शन और डिजिटल सर्विसेज़ के व्यवसाय में नज़र आ रहा है।
जियो जिस तेज़ी से जियो ट्रू 5G की सेवाओं को देश भर तक पहुँचा रहा है उससे देश का डिजिटल कायाकल्प अभूतपूर्व गति से हो रहा है।
इंटरनेट सेवाओं को देश के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए जियो ने “जियोभारत” फ़ोन प्लैटफ़ॉर्म लॉन्च किया है। इससे इंटरनेट टेक्नॉलोजी हर घर तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल और न्यू कॉमर्स व्यवसायों से उपभोक्ताओं की ज़रूरतें पूरी करते हुए रिलायंस रिटेल अपने किराना व्यवसाइयों को भी आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। दुनिया में कठिन परिस्थितियों के बावजूद ऑइल टू केमिकल्स व्यवसाय ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया है। इस तिमाही में एम जे फ़ील्ड में उत्पादन से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बल मिला है। आनेवाले महीनों में KGD6 ब्लॉक में कुल उत्पादन बढ़कर 30 MMSCMD हो जाएगा। जियो से अलग होकर जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड बनने का काम भी तेज़ी से जारी है। मेरा विश्वास है कि जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ देश के हर नागरिक तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने का काम बखूबी कर सकता है।

रिलायंस की टेलिकॉम कंपनी जियो (Reliance Jio) का जून तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 12 फीसदी बढ़कर 4,863 करोड़ रुपये रहा। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 10 फीसदी बढ़कर 24,042 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन यह उम्मीदों को मुताबिक नहीं है। रिलायंस जियो का यह छह तिमाहियों में सबसे सुस्त प्रॉफिट और रेवेन्यू ग्रोथ है। ज्यादा खर्च और हाल में टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कंपनी का प्रॉफिट और रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। पहली तिमाही में रिलायंस जियो का कुल खर्च बढ़कर 17,594 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले 16,136 करोड़ रुपये था। इसमें नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्च पहले के 6,842 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,379 करोड़ रुपये रहा। जियो सब्सक्राइबर्स के लिहाज से देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। इसका मार्केट शेयर 37.9 परसेंट है। अप्रैल में कंपनी ने रिलायंस ने 30.4 लाख सब्सक्राइबर्स जोड़े।

​रिलायंस रिटेल-ईशा अंबानी


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