जयशंकर ने विमान अपहरण पर बनी आईसी 814 से जुड़े सवाल पर कहा, मैंने इस सीरीज को नहीं देखा है। हालांकि मैंने एक हाइजैक को बहुत करीब से देखा, जो 1984 में हुआ था। हाईजैक के बाद इसके हाईजैकर्स से बातचीत करने वाली टीम में मैं खुद शामिल था। अच्छी बात ये रही थी कि किसी की जान इसमें नहीं गई थी और मामला निपट गया था। इस पूरे मामले में सबसे खास बात ये थी कि मेरे पिता भी उस विमान में थे, जो हाईजैक किया गया था।
अगस्त 1984 में हुआ था ये हाईजैक
जयशंकर ने सुनाया पिता का किस्सा
जिनेवा में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा पश्चिम बंगाल में आरजी अस्पताल में हुई रेप की घटना से जुड़े सवाल पर कहा कि महिला सुरक्षा अहम मुद्दा है लेकिन देश के बाहर मैं राजनीतिक बात नहीं कहूंगा। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ये जरूरी है कि जो बातें अपनी बेटी से कहते हैं, वही बात हम अपने बेटों से भी कहें। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे के कई पहलू हैं और इसे हमें गंभीरता से लेना चाहिए। इस दौरान उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से कहा कि हम भारतीयों को अपने लोकतंत्र और दक्षता पर गर्व करने का पूरा अधिकार है। जिनेवा जाने से पहले जयंशकर ने दो दिन का जर्मनी की यात्रा की है। बर्लिन में जयशंकर ने रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को बातचीत के जरिए खत्म करना चाहिए और इसमें भारत दोनों देशों को हर मुमकिन सलाह देने को तैयार है।











