क्यों दाे बार बदला पायलट?
28 फववरी सुबह अजित पवार का चार्टर्ड विमान लीयरजेट-45 बारामती में लैंडिंग की कोशिश में क्रैश हो गया था। इसमें डिप्टी सीएम समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसमें विमान के पायलट सुमित कपूर और उनकी को-पायलट के साथ विमान अटेंडेंट शामिल थी। अजित पवार अपने अंगरक्षक के साथ विमान में सवार थे। मिटकरी ने कहा है कि यह कंपनी पहले से ही खराब स्थिति में थी। सालों से इस पर प्रतिबंध लगा हुआ था। इसके बावजूद 28 तारीख को वही विमान अजित पवार के लिए दिया गया। मिटकरी का कहना है कि वीएसआर कंपनी के पायलट को दो बार बदला गया।
28 फववरी सुबह अजित पवार का चार्टर्ड विमान लीयरजेट-45 बारामती में लैंडिंग की कोशिश में क्रैश हो गया था। इसमें डिप्टी सीएम समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसमें विमान के पायलट सुमित कपूर और उनकी को-पायलट के साथ विमान अटेंडेंट शामिल थी। अजित पवार अपने अंगरक्षक के साथ विमान में सवार थे। मिटकरी ने कहा है कि यह कंपनी पहले से ही खराब स्थिति में थी। सालों से इस पर प्रतिबंध लगा हुआ था। इसके बावजूद 28 तारीख को वही विमान अजित पवार के लिए दिया गया। मिटकरी का कहना है कि वीएसआर कंपनी के पायलट को दो बार बदला गया।
मिटकरी ने यह बयान ऐसे वक्त पर दिया है जब एनसीपी शरद पवार के सांसद बजरंग सोनवणे बम होने का संदेह जता रहे हैं। सोनवणे का कहना है कि उस दिन अजीत के साथ उनके पीए (निजी सचिव) विमान में क्यों नहीं थे? सोनवणे ने सीएम से मामले की जांच की मांग की है। विमान हादसे की जांच एएआईबी के साथ महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी कर रही है। सीआईडी ने अजित पवार के निजी सचिव से चार घंटे तक पूछताछ की थी। यह भी सामने आया था कि अजित पवार ने बारामती दौरे के लिए सड़क मार्ग से जाने का फैसला किया था। 99 फीसदी दौरा सड़क मार्ग से तय था। यह सवाल उठा था कि आखिर में अजित पवार ने विमान से जाने का फैसला किसकी सलाह पर लिया?











