इजरायली वेबसाइट वायनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया युद्धविराम समझौते के तहत जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) के गाजा पट्टी में प्रवेश करने की उम्मीद है। ISF में तीन मुस्लिम बाहुल्य देश- इंडोनेशिया, पाकिस्तान और अजरबैजान के सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद है। ISF गाजा में आंतरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्र में हथियारों की तस्करी को रोकना होगा।
गाजा में तैनात होगी पाकिस्तानी सेना, ये 2 मुस्लिम देश भी भेजेंगे सैनिक! हमास के हथियार छोड़ने पर इजरायल का बड़ा बयान
गाजा पट्टी: गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के बाद भी कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति बनी हुई है। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि उनको लगता है कि हमास निरस्त्रीकरण नहीं करेगा, यानी हथियार नहीं छोड़ेगा। हालांकि युद्ध-पश्चात के गाजा में मध्यस्थता समझौते के तहत हमास ने ऐसी प्रतिबद्धता जताई थी। दूसरी ओर गाजा में अंतरराष्ट्रीय सेना की तैनाती पर भी काम चल रहा है। इस सेना में सबसे बड़ा योगदान पाकिस्तान की ओर से हो सकता है।
इजरायली वेबसाइट वायनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया युद्धविराम समझौते के तहत जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) के गाजा पट्टी में प्रवेश करने की उम्मीद है। ISF में तीन मुस्लिम बाहुल्य देश- इंडोनेशिया, पाकिस्तान और अजरबैजान के सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद है। ISF गाजा में आंतरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्र में हथियारों की तस्करी को रोकना होगा।
इजरायली वेबसाइट वायनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया युद्धविराम समझौते के तहत जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) के गाजा पट्टी में प्रवेश करने की उम्मीद है। ISF में तीन मुस्लिम बाहुल्य देश- इंडोनेशिया, पाकिस्तान और अजरबैजान के सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद है। ISF गाजा में आंतरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही सीमाओं की सुरक्षा और क्षेत्र में हथियारों की तस्करी को रोकना होगा।











