सेक्टर में बाउंसरों के दम पर लोगों को डराता था। 6 नवंबर को जब पंजाब पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई तो लोगों को असलियत का पता चला। अब निवासियों ने आरडब्ल्यूए की लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के बिना ही डबल मर्डर के आरोपी को सेक्टरवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई?
पंजाब के पत्रकार और मां का हत्यारा निकला नोएडा का सिक्योरिटी मैनेजर, पुलिस पहुंची तो पता चला जमानत से हुआ फरार
नोएडा: पंजाब के मोहाली में वरिष्ठ पत्रकार केजी सिंह और उनकी मां गुरचरण कौर की हत्या का आरोपी गौरव कुमार नोएडा सेक्टर-36 की रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन (RWA) में मई 2024 से मैनेजर के पद पर काम करता रहा। यहां वह सिक्यॉरिटी एजेंसी चला रहा था। आरोप है कि कई लोगों से मारपीट भी की थी। आरोपी पर घरेलू सहायकों का वेरिफिकेशन कराने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह खुद बिना सत्यापन के यहां रह रहा था।
सेक्टर में बाउंसरों के दम पर लोगों को डराता था। 6 नवंबर को जब पंजाब पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई तो लोगों को असलियत का पता चला। अब निवासियों ने आरडब्ल्यूए की लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के बिना ही डबल मर्डर के आरोपी को सेक्टरवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई?
सेक्टर 36 निवासी पंकज मलिक के मुताबिक, गौरव 2024 में पाडे सिक्यॉरिटी एजेंसी में नौकरी करने आया था। कुछ महीने बाद एजेंसी को हटाकर RWA ने अपनी सिक्यॉरिटी रख गौरव को मैनेजर बना दिया। वह लोगों से मारपीट और गाली-गलौज करने लगा। इसकी शिकायत रवा के सदस्यों को दी गई, लेकिन गौरव पर कार्रवाई नहीं गई। इस पर लोगों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद भी RWA ने उसका वेरिफिकेशन नहीं कराया।
सेक्टर में बाउंसरों के दम पर लोगों को डराता था। 6 नवंबर को जब पंजाब पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई तो लोगों को असलियत का पता चला। अब निवासियों ने आरडब्ल्यूए की लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के बिना ही डबल मर्डर के आरोपी को सेक्टरवासियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे दे दी गई?











