बजट सेशन के तीसरे दिन (2 फरवरी) शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान से पूरे सदन ठहाकों से गूंज उठा। दरअसल, खड़गे महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर बोल रहे थे। इसी बीच उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि बहुमत आपका है। पहले 330-334 थे, अब तो 400 पार हो रहा है।"
इस गलती पर सदन में मौजूद राज्यसभा में मौजूद पक्ष और विपक्ष के सांसदों की हंसी छूट गई। खुद PM नरेंद्र मोदी भी खड़गे की इस बात पर खुद को हंसने से नहीं रोक पाए।
ठहाकों के बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान को सुधारने की कोशिश की। लेकिन केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल खड़े हुए और बोले- “आखिरकार आज खड़गे जी ने सच कहा है और सच के अलावा कुछ नहीं कहा है।”
पियूष गोयल के बयान पर वाइस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़ ने कहा कि "मुझे लगता है कि विपक्ष के किसी नेता की इतनी सराहना कभी नहीं की गई, यह एक रिकॉर्ड है। आपके (श्री खड़गे के) भाषण की प्रशंसा की जा रही है।"
इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने जवाब दिया, "मुझे पता है कि इसकी प्रशंसा क्यों की जा रही है। वे (भाजपा) अपना ढिंढोरा पीट रहे हैं, कह रहे हैं कि उन्हें 400 सीटें मिलेंगी या 500 सीटें... वे 100 सीटें भी पार नहीं करेंगे। I.N.D.I.A मजबूत है।"
कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के बयान पर हंगामा
संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश हुआ। इस बीच कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के बयान पर भी जमकर हंगामा हुआ। प्रह्लाद जोशी ने मांग करते हुए कहा कि डीके सुरेश के अलग देश के बयान वाले मामले को एथिक्स कमेटी में भेजा जाए।
खड़गे ने कर्नाटक के कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के दक्षिण के अलग राज्यों को मिलाकर एक अलग देश के बयान पर पार्टी का पक्ष भी रखा। खड़गे ने कहा कि अगर कोई देश को तोड़ने की बात करेगा, तो हम इसे कभी सहन नहीं करेंगे। चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। मैं खुद कहूंगा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक हम एक हैं और एक रहेंगे।
राज्यसभा-लोकसभा को 5 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, हालांकि लोकसभा की कार्यवाही का समय शुक्रवार को 2 घंटे बढ़ाया गया। आमतौर पर यह शाम 6 बजे तक ही चलती है।
सुरेश ने कहा- तो दक्षिण राज्य अलग देश की मांग को मजबूर होंगे
संसद में 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया। इस पर रिएक्शन देते हुए कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा कि दक्षिण भारत के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो पैसा दक्षिण तक पहुंचना चाहिए था, उसे डायवर्ट कर उत्तर भारत में बांटा जा रहा है। अगर इस अन्याय को दूर नहीं किया गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग देश बनाने की मांग करने के लिए मजबूर होंगे।
बेंगलुरु ग्रामीण से सांसद सुरेश ने दावा किया कि दक्षिणी राज्यों से लिया जाने वाला टैक्स उत्तर भारत को दिया जा रहा है। साथ ही दक्षिण भारत पर हर मामले में हिंदी थोपी जा रही है। अगर केंद्र कर्नाटक को उसके हिस्से का पैसा दे दे तो यह काफी होगा।
राष्ट्रपति ने कहा- सदियों बाद राम मंदिर का सपना पूरा हुआ; PM भाषण के आखिर में बोले- राम राम
संसद का बजट सत्र बुधवार (31 जनवरी) को शुरू हुआ है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई। यह नए संसद भवन में उनका पहला संबोधन था। राष्ट्रपति ने राम मंदिर से लेकर आर्टिकल 370 तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा- राम मंदिर की आकांक्षा सदियों से थी, जो इस साल पूरी हुई।
सत्र से पहले PM ने कहा कि सांसदों को सोचना चाहिए कि आखिरी 10 साल में उन्होंने क्या किया। बजट सत्र पश्चाताप का अवसर है। मेरा सभी सांसदों से अनुरोध है कि उत्तम से उत्तम परफॉर्म करें और इस मौके को जाने न दें।न इनकम टैक्स में राहत, न फसलों की MSP बढ़ी
बजट, बजट, बजट… लो हो गया बजट पेश। लेकिन ये अंतरिम ही रहा। न टैक्स बदला, न बड़ी घोषणाएं। हालांकि सीतारमण 8 हफ्ते पहले ही बोल चुकी थीं कि साल चुनावी है, तो बजट अंतरिम ही रहेगा। यानी असली बजट जून-जुलाई में नई सरकार की वित्त मंत्री पेश करेंगी या करेगा। तब जो भी वित्त मंत्री बने।सीतारमण का ये छठा बजट था। इसमें गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता, यानी किसान फोकस में दिखे।











