देश पहले आता है, गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्ते पर पहली बार की बात, बोले - 'हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं'
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24 Sep 2026, 12:21 PM
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और खिलाड़ियों का रिश्ता हमेशा चर्चा में रहता है। खासकर जब बात कप्तान और कोच की हो, तो लोगों की नजरें इस बात पर टिकी होती हैं कि दोनों के बीच कैसी बन रही है। अब गौतम गंभीर ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है। जियोस्टार पर दिए एक इंटरव्यू में गंभीर ने बताया कि रोहित शर्मा के साथ काम करना उनके लिए काफी आसान क्यों रहा और दोनों के बीच आपसी तालमेल कैसा है। गंभीर ने साफ कहा कि रोहित के साथ उनका रिश्ता किसी आम कोच और कप्तान जैसा नहीं है। यह रिश्ता बहुत पुराना है, जो उस समय शुरू हुआ था जब गंभीर टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ी थे और रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने में लगे थे।गंभीर को सालों से जानते हैं रोहित
रोहित शर्मा के साथ अपनी पुरानी बॉन्डिंग पर बात करते हुए गंभीर ने कहा, 'रोहित और मेरा रिश्ता सिर्फ कप्तान और कोच का नहीं है। जब रोहित पहली बार भारतीय टीम में आए थे, तब मैं सीनियर खिलाड़ी था। हमारा रिश्ता वहीं से है, वे मुझे तब से जानते हैं। ऐसा नहीं था कि हमारे बीच कोई नया रिश्ता बना हो, या फिर मैं किसी दूसरे देश से आया हुआ ऐसा कोच था जिसने रोहित को कभी खेलते न देखा हो, या जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से न जानता हो कि वे कैसे इंसान हैं।'गंभीर का मानना है कि इस पुराने रिश्ते की वजह से दोनों को एक-दूसरे को समझने में समय नहीं गंवाना पड़ा। गंभीर ने रोहित को एक युवा खिलाड़ी से दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों और कप्तानों में बदलते देखा है, जबकि रोहित भी गंभीर के स्वभाव और काम करने के तरीके से सालों से वाकिफ थे।सोच अलग हो सकती है, लेकिन फैसला हमेशा टीम के हक में होना चाहिए
क्रिकेट में कई बार ऐसा होता है जब कोच और कप्तान की राय एक जैसी नहीं होती। गंभीर ने माना कि उनके और रोहित के बीच भी किसी बात पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन असली बात यह है कि दोनों ही टीम की भलाई चाहते हैं। गंभीर ने आगे कहा, 'जब आप साथ खेले होते हैं, तो चीजें बहुत आसान हो जाती हैं। वे मेरी सोच जानते हैं और मैं उनकी सोच समझता हूं। कल को मेरी सोच कुछ और हो सकती है और कप्तान की सोच कुछ और, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि आखिरी फैसला वही होना चाहिए जो टीम के हित में हो। अगर ऐसा होता है तो उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।'