भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने भले ही बैग पालिसी बना दी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अभी भी बेपरवाह ही हैं। वे अब तक स्कूल बैग पालिसी-2020 का पालन नहीं करा पाए हैं। हर साल की तरह इस साल भी आदेश जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया गया। नतीजा, छोटे-छोटे बच्चे भारी बस्ते का वजन ढोने को मजबूर हो रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, दूसरी-तीसरी कक्षा के बच्चे करीब सात से आठ किलो का वजन ढो रहे हैं, जबकि नियमानुसार यह वजन दो से ढाई किलो का होना चाहिए। बता दें कि बस्ते के वजन को कम करने के लिए करीब दो साल पहले सितंबर 2022 में स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन पालन अभी तक नहीं किया जा सका है। हालांकि दो-तीन स्कूलों ने जरूर प्राइमरी कक्षाओं में इस पालिसी को लागू किया है।
नोटिस बोर्ड पर वजन का चार्ट नहीं
प्रत्येक स्कूल को नोटिस बोर्ड एवं कक्षा में बस्ते के वजन का चार्ट लगाना है, लेकिन किसी भी स्कूल ने यह चार्ट नहीं लगाया है। विभाग ने विद्यार्थियों के बस्ते का वजन तय कर दिया है। नियमों के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) व जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) को प्रत्येक तीन माह में विद्यार्थियों के स्कूल बैग की जांच करना है। जांच में बैग का वजन निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने पर स्कूल पर कार्रवाई करने का भी नियम है, लेकिन अभी तक कहीं जांच ही नहीं की गई है।
यह कहती है बैग पालिसी
- सप्ताह में एक दिन बैग विहीन दिवस किया गया है। इस दिन कार्यानुभव से संबंधित गतिविधियां कराई जाएंगी।
-दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा।
-तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह दो घंटे का गृह कार्य दिया जाए।
-छठवीं से आठवीं तक प्रतिदिन एक घंटे और नौवीं से 12वीं तक प्रतिदिन दो घंटे का ही गृह कार्य दिया जाए ।
-स्कूल डायरी का वजन भी बस्ते के वजन में ही शामिल किया गया है।
-आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अभ्यास पुस्तिकाएं, वर्क बुक एवं अन्य आवश्यक सामग्री को स्कूल में ही रखने की व्यवस्था करनी होगी।
-कंप्यूटर, नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा एवं कला की कक्षाएं बिना किताबों के ही लगाई जानी है।
यह होना चाहिए बस्ते का वजन
कक्षा - वजन (किग्रा. में)
पहली - 1.6-2.2
दूसरी- 1.6-2.2
तीसरी- 1.7-2.5
चौथी- 1.7-2.5
पांचवी- 1.7-2.5
छठवी- 2.0-3.0
सातवीं- 2.0-3.0
आठवीं - 2.5-4.0
नौवीं - 2.5-4.5
10वीं- 2.5-4.5
11वीं व 12वीं-बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जा सकता है।
वर्तमान में निजी स्कूलों के कापी-किताब सहित पाठ्यक्रमों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद टीम बनाकर बस्ते के वजन का निरीक्षण कराएंगे।
- अंजनी कुमार त्रिपाठी, जिला शिक्षाधिकारी, भोपाल











