मंगलवार को गिलोन ने कहा, जिस क्षण गाजा में युद्धविराम खत्म होगा, उसी क्षण हम मिशन पर वापस जा रहे हैं। ये युद्धविराम बंधकों की रिहाई के लिए था। ये बस इतना ही है, इसे इससे ज्यादा कुछ नहीं समझा जा सकता है। नाओर गिलोन से पहले इजरायली सेना के अफसर ये कह चुके हैं कि हमास के खात्मे से पहले उनका अभियान खत्म नहीं होगा। इजरायली सेना प्रवक्ता ने हाल ही में कहा था कि हमास को खत्म करने के लिए वह गाजा ही नहीं दुनियाभर में हमास के कमांडरों को ढूंढ़कर मारेंगे। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि गाजा में जंग के पीछे उनके तीन लक्ष्य हैं- हमास को खत्म करना, सभी बंधकों को छुड़ाना और यह सुनिश्चित करना कि गाजा इजरायल के लिए फिर से खतरा न बने। इन लक्ष्यों को पूरा किए बिना हम अपना अभियान नहीं रोकेंगे।
मोसाद चीफ पहुंचे हैं कतर
गाजा में जारी युद्धविराम के बीच इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ डेविड बार्निया मंगलवार को कतर पहुंचे हैं। डेविड बार्निया के अलावा अमेरिकी एजेंसी सीआईए के डारेक्टर बिल बर्न्स भी कतर में हैं। डेविड बार्निया, कतर के अधिकारियों और बिल बर्न्स के साथ दोहा में बैठक कर रहे हैं। डेविड की इन बैठकों का मुद्दा युद्धविराम विस्तार और हमास की कैद से बाकी इजरायली बंधकों की रिहाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बार्निया उन बंधकों की रिहाई भी सुनिश्चित करना चाहते हैं, जो मौजूदा डील में शामिल नहीं हैं। मौजूदा समझौते में हमास महिलाओं और बच्चों को रिहा कर रहा है।बता दें कि गाजा पट्टी में लड़ाई हमास के इजरायल पर हमले के बाद शुरू हुई है। इजरायल ने 7 अक्टूबर के हमले का जवाब देते हुए हमास को खत्म करने की कसम खाई है। इजरायल ने हमास के ठिकानों को निशाना बनाते हुए लगातार गाजा पट्टी में हमले किए। इजरायल के हमलों में उत्तरी गाजा पूरी तरह से तबाह हो गया है। गाजा में करीब 15 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। उत्तरी गाजा के लाखों लोगों को अपने घरों को छोड़कर आश्रय शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।











